Rajouri Rain & Landslide: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं सामने आई हैं। अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोगों के लापता होने की आशंका है। प्रशासन, एनडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियां राहत एवं रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं।
भारी बारिश से बिगड़े हालात
लगातार हुई बारिश के चलते अचानक आई बाढ़ और पहाड़ों से गिरे मलबे ने कई घरों, सड़कों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर पानी का बहाव इतना तेज था कि वाहन भी बह गए। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, जबकि प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
आखिर राजौरी में इतनी तबाही क्यों हुई?
राजौरी पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के दक्षिणी हिस्से में स्थित है और हिमालय के उन क्षेत्रों में आता है, जहां पहाड़ अपेक्षाकृत युवा माने जाते हैं। यहां की चट्टानें पूरी तरह स्थिर नहीं हैं और मिट्टी की पकड़ भी कमजोर रहती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब कम समय में अत्यधिक बारिश होती है तो पानी पहाड़ों के भीतर तक पहुंच जाता है। इससे मिट्टी और चट्टानों की पकड़ कमजोर हो जाती है, जिसके कारण पहाड़ों की ढलान खिसकने लगती है और लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ जाती हैं। यही कारण है कि राजौरी जैसे पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के बाद फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा काफी अधिक रहता है।
राहत और बचाव अभियान जारी
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त होने से राहत कार्य प्रभावित हुआ है, फिर भी बचाव दल लगातार लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है और लापता लोगों की तलाश जारी है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।