नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से शुरू हुआ मार्च प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ा, जहां राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने धरना दिया। पार्टी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से लेकर संसद में चर्चा और हिंसा की निष्पक्ष जांच तक पांच प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं।
पीएम आवास तक मार्च, नेताओं ने संभाली कमान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में निकले इस मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा, दीपेंद्र हुड्डा, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रधानमंत्री आवास के पास पहुंचकर कांग्रेस नेताओं ने धरना शुरू कर दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
राहुल गांधी ने सरकार से मांगा जवाब
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न तो इस मामले में जवाबदेही तय करना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने को तैयार है।
बाद में उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और हर नागरिक को उनके समर्थन में आगे आना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
कांग्रेस की पांच प्रमुख मांगें
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने केंद्र सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।
- केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा लोकसभा और राज्यसभा में बयान।
- पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा।
- छात्रों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए।
- प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- पीएम आवास के बाहर भारी सुरक्षा
कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात किए गए। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया। पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं को पुलिस ने रोककर हिरासत में लिया।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंचे धरना स्थल
धरने के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह प्रदर्शन स्थल पहुंचे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा राहुल गांधी से बातचीत की। उनके साथ गृह सचिव गोविंद मोहन भी मौजूद रहे। सरकार की ओर से प्रदर्शन समाप्त कराने की कोशिश की गई, हालांकि कांग्रेस अपनी मांगों पर अड़ी रही।
खड़गे का सरकार पर हमला
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया और इसके लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा शिक्षा मंत्री को जवाब देना होगा।
संसद से सड़क तक गरमाई सियासत
कांग्रेस के इस प्रदर्शन ने संसद के मानसून सत्र के बीच राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। विपक्ष लगातार छात्रों के मुद्दे, कथित पुलिस कार्रवाई और सरकार की जवाबदेही को लेकर केंद्र पर हमला बोल रहा है। वहीं सरकार की ओर से फिलहाल प्रदर्शन और लगाए गए आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार कांग्रेस की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या यह मुद्दा संसद के भीतर भी बड़े राजनीतिक टकराव का कारण बनेगा।