नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन को लेकर बड़ा दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, 20 जुलाई को आयोजित प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और अन्य तकनीकी माध्यमों से की गई, जिसमें 2,873 लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया। इनमें 989 लोगों पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, दुष्कर्म, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों में केस दर्ज होने का दावा किया गया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल लोगों में 101 हत्या के आरोपी, 62 हत्या के प्रयास के आरोपी, 284 लूट और डकैती के आरोपी, 61 दुष्कर्म के आरोपी, 6 पॉक्सो एक्ट के आरोपी, 25 महिलाओं के खिलाफ अपराधों में आरोपी, 229 आर्म्स एक्ट, 135 झपटमारी, 19 अपहरण और 67 एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों के आरोपी शामिल बताए गए हैं।
20 जुलाई को हुई थी पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प
20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। घायलों में स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी रैंक के अधिकारियों के साथ कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। वहीं, इस घटना में करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी दी गई थी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ आंदोलन
नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर CJP ने 20 जुलाई को संसद चलो मार्च निकाला था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज को लेकर विवाद भी हुआ। इसके बाद 25 जुलाई को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया था।