श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के दौरान मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। गांदरबल जिले के कंगन क्षेत्र में सोनमर्ग हाईवे पर श्रद्धालुओं से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई और नीचे स्थित एक मकान पर जा गिरी। इस हादसे में मध्य प्रदेश के 39 श्रद्धालु घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि बस सिंध नदी में गिरने से बच गई और हादसे के समय मकान के अंदर कोई मौजूद नहीं था।
एस-मोड़ पर हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक हादसा मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे हरीगनीवान (गुंड) के पास स्थित एस-मोड़ पर हुआ। बस में सवार अधिकांश यात्री मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसे में बस चालक भी घायल हुआ है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए कंगन के सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल (SDH) पहुंचाया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) रेफर किया गया। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल किसी श्रद्धालु की मौत की सूचना नहीं है और सभी घायलों की हालत स्थिर है।
पुलिस, सेना और सुरक्षा बलों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, CRPF, ITBP और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सभी एजेंसियों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन ने पूरे इलाके में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।
उपराज्यपाल ने लिया स्थिति का जायजा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गांदरबल के जिला उपायुक्त और स्वास्थ्य अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सभी घायल श्रद्धालुओं को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, प्रशासन को हादसे की जांच कर आवश्यक कदम उठाने को भी कहा गया है।
सड़क सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
हादसे के बाद प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यात्री बसों की नियमित जांच, संवेदनशील मोड़ों पर अतिरिक्त निगरानी और सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
अमरनाथ यात्रा के बीच बढ़ी चिंता
हर साल लाखों श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा में शामिल होते हैं। यात्रा के दौरान पहाड़ी मार्गों पर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में इस हादसे ने एक बार फिर यात्रा मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।