मुंबई: शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की ओर से शनिवार को मुंबई में ‘विकसित भारत हेतु शिक्षा‘ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में देशभर के शिक्षाविद, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्री शामिल होंगे। इस विचार-मंथन का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षा की भूमिका पर व्यापक चर्चा करना है।
होसबाले समेत कई शिक्षा मंत्री होंगे शामिल
सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे। इसके अलावा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, IIT, IIIT और NIT के निदेशक, शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख, उद्योगपति, शिक्षाविद और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञ भी सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे।
कौन है दत्तात्रेय होसबाले
दत्तात्रेय होसबाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वर्तमान सरकार्यवाह (महासचिव) हैं। संघ में सरसंघचालक के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा पद है। वह इस पद पर पहली बार 2021 में चुने गए थे और मार्च 2024 में उन्हें 2024 से 2027 के कार्यकाल के लिए दोबारा इस पद पर चुना गया है।
इन प्रमुख विषयों पर होगा मंथन
सम्मेलन में शिक्षा से जुड़े कई अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी, जिनमें शामिल हैं—
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन
- भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश
- कौशल एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा
- शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय
- नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा
- विकसित भारत-2047 के लिए शिक्षा का रोडमैप
सम्मेलन का आयोजन राउंड-टेबल चर्चा के स्वरूप में होगा, जिसमें देशभर से आमंत्रित लगभग 100 विशिष्ट प्रतिभागी अपने विचार साझा करेंगे।
भारतीय शिक्षा के पुनरुत्थान पर जोर
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का कहना है कि शिक्षा में व्याप्त चुनौतियों और विकृतियों को दूर करने के उद्देश्य से पहले ‘शिक्षा बचाओ आंदोलन‘ चलाया गया था। इसके बाद भारतीय ज्ञान परंपरा को आधार बनाकर आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से न्यास का गठन किया गया।
वर्तमान में न्यास शिक्षा के 11 प्रमुख विषयों, 3 आयामों, 3 कार्य विभागों और 2 राष्ट्रीय अभियानों पर कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य भारतीय मूल्यों और आधुनिक शिक्षा के समन्वय के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देना है।
विकसित भारत-2047 की दिशा में अहम पहल
आयोजकों के अनुसार, यह राष्ट्रीय सम्मेलन शिक्षा के माध्यम से ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को गति देने और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए ठोस सुझाव तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।