PM Modi Speech 2026: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। करीब 77 मिनट के अपने लंबे संबोधन में पीएम मोदी ने पिछले 12 सालों के दौरान देश की प्रगति, सरकारी योजनाओं और विकसित भारत के रोडमैप पर विस्तार से बात की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों की मेहनत और मजबूत संकल्प की बदौलत ही भारत आज दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।
लाल किले के संबोधन की मुख्य और बड़ी बातें:
“होती है, चलती है वाली सोच से बाहर निकला देश”
पुराने दौर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक देश जिस रफ्तार से आगे बढ़ना चाहिए था, वैसा नहीं हो पाया। देश ‘होती है-चलती है’ और ‘हो जाएगा-देखा जाएगा’ वाली ढीली सोच और सुस्त रवैये में अटका रहा।
उन्होंने याद दिलाया कि 2014 तक आते-आते दुनिया की नजरों में भारत की अर्थव्यवस्था बेहद कमजोर (Fragile Five) मानी जाने लगी थी। लेकिन पिछले 12 सालों में भारत ने इस सुस्ती को पीछे छोड़कर तरक्की की एक नई और तेज रफ्तार पकड़ी है, जिसे अब 140 करोड़ देशवासी मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं।
मैन्युफैक्चरिंग और तकनीक में रिकॉर्ड उछाल
पीएम मोदी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि बीते 12 वर्षों में देश का उत्पादन कितना बढ़ा है:
- डिफेंस (रक्षा) उत्पादन: करीब 4 गुना बढ़ा।
- खादी एवं ग्रामोद्योग: उत्पादन 5 गुना हुआ।
- इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग: लगभग 7 गुना की वृद्धि हुई।
- आधुनिक रेलवे कोच: निर्माण में 21 गुना का उछाल आया।
- मोबाइल फोन उत्पादन: 33 गुना तक बढ़ा।
डिजिटल क्रांति और रोजाना की सुविधाएं
डिजिटल दुनिया में भारत के परचम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले 4 गुना बढ़े हैं और डिजिटल पेमेंट (डिजिटल ट्रांजैक्शन) 100 गुना तक बढ़ गए हैं। पेटेंट मिलने की दर में भी 4 गुना इजाफा हुआ है।
सामान्य नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए:
- पहले के मुकाबले 15 गुना तेजी से ‘नल से जल’ के कनेक्शन दिए गए।
- 6 गुना रफ्तार से गैस कनेक्शन बांटे गए।
- गरीबों के लिए शौचालय निर्माण की रफ्तार 4 गुना और पक्के मकान देने की गति 3 गुना तेज हुई।
पुराने और गैर-जरूरी कानूनों का अंत
गवर्नेंस में सुधार की बात करते हुए पीएम ने कहा कि पिछली शताब्दी के पुराने और बेकार पड़े सैकड़ों कानूनों को खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि “19वीं या 20वीं सदी के पुराने नियमों के सहारे 21वीं सदी का नया भारत आगे नहीं बढ़ सकता।” इसी सोच के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और मेट्रो सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
विकसित भारत 2047 का संकल्प
अपने भाषण के आखिर में प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश ने विकास की ऐसी अभूतपूर्व गति देखी है। उन्होंने भरोसा जताया कि जब इतनी सारी सिद्धियां हमारे सामने हैं, तो वर्ष 2047 तक भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने का संकल्प हर हाल में पूरा होगा। भारत को अब दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय पूरी तरह ‘आत्मनिर्भर’ बनना ही होगा।