15 अगस्त का दिन हर भारतीय के लिए आजादी का जश्न मनाने और गर्व करने का दिन है। लेकिन भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए 15 अगस्त 2020 की शाम एक ऐसा अहसास भी छोड़ गई, जिसे कोई भी क्रिकेट फैन शायद ही कभी भूल पाए।
आज से ठीक 6 साल पहले, 15 अगस्त 2020 को शाम ठीक 7 बजकर 29 मिनट पर भारत के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर दी थी।
एक सादे से पोस्ट से किया था संन्यास का एलान
रांची के ‘कैप्टन कूल’ का अंदाज हमेशा सबसे अलग और अनूठा रहा है। जिस तरह उन्होंने अपने खेल करियर में बिना किसी शोर-शराबे के मैदान पर बड़े-बड़े फैसले लिए, ठीक वैसे ही उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय संन्यास का फैसला भी बेहद खामोशी से लिया।
धोनी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक वीडियो शेयर किया, जिसके बैकग्राउंड में उनका पसंदीदा गाना ‘मैं पल दो पल का शायर हूँ…’ बज रहा था। उन्होंने सिर्फ एक छोटा सा मैसेज लिखा:
“आप सभी के प्यार और सहयोग के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आज शाम 7:29 बजे के बाद से मुझे रिटायर्ड माना जाए।”
इस एक लाइन के मैसेज ने देश भर के करोड़ों फैंस का दिल तोड़ दिया था।
क्यों खास थी 15 अगस्त की वो तारीख?
धोनी के संन्यास के कुछ ही समय बाद उनके सबसे करीबी दोस्त और साथी खिलाड़ी सुरेश रैना ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।
रैना ने बाद में एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने और धोनी ने पहले ही तय कर लिया था कि वे स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के दिन ही संन्यास लेंगे।
- धोनी की जर्सी का नंबर 7 था और रैना का जर्सी नंबर 3।
- दोनों को मिलाकर बनता था 73।
- साल 2020 में भारत अपनी आजादी की 73वीं वर्षगांठ मना रहा था।
इसी वजह से दोनों दिग्गजों ने देश की आजादी के इस खास दिन को अपने करियर के समापन के लिए चुना।
भारत को दिलाईं तीनों ICC ट्रॉफियां
एमएस धोनी भारतीय क्रिकेट के इतिहास के अकेले ऐसे कप्तान हैं, जिनकी अगुआई में भारत ने आईसीसी की तीनों बड़ी ट्रॉफियां जीती हैं:
- 2007: पहला ICC T20 वर्ल्ड कप
- 2011: 28 साल बाद भारत को दिलवाया वनडे (ODI) वर्ल्ड कप
- 2013: ICC चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब
इसके अलावा उन्होंने अपनी कप्तानी में भारतीय टेस्ट टीम को दुनिया की नंबर-1 टीम भी बनाया।
बिना किसी आडंबर के फैसले लेने वाले ‘कैप्टन कूल’
धोनी की सादगी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जब झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) ने रांची स्टेडियम में उनके नाम पर पवेलियन स्टैंड बनाया और धोनी से इसका आधिकारिक उद्घाटन करने का अनुरोध किया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए मना कर दिया।
धोनी का कहना था कि “अपने ही घर (स्टेडियम) का उद्घाटन अगर मैं खुद करूँगा, तो मुझे लगेगा कि मैं कोई बाहरी हूँ।”
आज भले ही एमएस धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन 15 अगस्त की वह शाम 7:29 बजे का पल और उनका ‘कूल’ अंदाज हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी के दिल में हमेशा जिंदा रहेगा।