आज जब भारत अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, तो 1947 की यादें और उस दौर की अर्थव्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। 15 अगस्त 1947 को जब देश आजाद हुआ, तो आम जिंदगी की जरूरतें इतनी सस्ती थीं कि आज के दौर में उन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है।
आजादी के समय जहाँ पैसे और आने (Anna) का बोलबाला था, वहीं आज लगभग 8 दशकों बाद रोजमर्रा की चीजों से लेकर कीमती धातुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। आइए नजर डालते हैं कि 1947 से लेकर आज तक महंगाई और कीमतों का सफर कैसा रहा।
सोना (Gold): 88 रुपये से 1.5 लाख के पार
- 1947 में कीमत: ₹88.62 प्रति 10 ग्राम
- आज की कीमत: ₹1,50,000+ प्रति 10 ग्राम
आजादी के समय 10 ग्राम शुद्ध सोना महज 88 रुपये में मिल जाता था। आज इसकी कीमत 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर चुकी है। निवेश के लिहाज से देखा जाए तो सोने ने पिछले 8 दशकों में 1,70,000% से अधिक का ‘मल्टीबैगर’ रिटर्न दिया है।
पेट्रोल (Petrol): 25 पैसे प्रति लीटर
- 1947 में कीमत: 25 से 27 पैसे प्रति लीटर
- आज की कीमत: ₹100+ प्रति लीटर
1947 में जब सड़कों पर गाड़ियां बहुत कम थीं, तब एक लीटर पेट्रोल की कीमत महज 25 से 27 पैसे हुआ करती थी। यानी आज जितने रुपये में आधा लीटर पेट्रोल भी नहीं आता, उतने में उस दौर में कई बैरल तेल खरीदा जा सकता था।
दूध (Milk): 12 से 20 पैसे प्रति लीटर
- 1947 में कीमत: 12 से 20 पैसे (2 आने) प्रति लीटर
- आज की कीमत: ₹66 से ₹72 प्रति लीटर
आजादी के वक्त एक रुपये में लगभग 8 से 9 लीटर शुद्ध दूध आ जाता था। आज पैक्ड फुल-क्रीम दूध 66 से 72 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जो कि 600 गुना से भी ज्यादा की बढ़ोतरी दर्शाता है।
1947 बनाम आज: एक नजर में रोजमर्रा की चीजें
| वस्तु / सेवा | 1947 में कीमत | आज की अनुमानित कीमत |
| सोना (10 ग्राम) | ₹88.62 | ₹1,55,000 |
| पेट्रोल (प्रति लीटर) | ~25 पैसे | ₹100+ |
| दूध (प्रति लीटर) | ~12-20 पैसे | ₹66 – ₹72 |
| चीनी (प्रति किलो) | 40 पैसे | ₹45 – ₹50 |
| आलू (प्रति किलो) | 25 पैसे | ₹30 – ₹40 |
| साइकिल (स्टैंडर्ड) | ₹20 | ₹5,000 – ₹8,000 |
| हवाई किराया (दिल्ली से मुंबई) | ₹140 | ₹6,000 – ₹8,000 |
क्या वाकई सब कुछ आसान था?
कीमतों के इस तुलनात्मक आंकड़े को देखकर लगता है कि 1947 में जिंदगी कितनी आसान रही होगी, लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि उस दौर में एक आम भारतीय की औसतन सालाना आय (Per Capita Income) महज ₹250 के आसपास थी।
आज जहाँ महंगाई बढ़ी है, वहीं लोगों की क्रय शक्ति (Purchasing Power), आय के स्रोत और देश की कुल जीडीपी में भी कई सौ गुना का इजाफा हुआ है।