रांची: झारखंड में JSSC CGL भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने और कथित फर्जीवाड़े की CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची में विशाल तिरंगा यात्रा निकाली। जयपाल सिंह स्टेडियम से निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। पूरे रास्ते भारत माता की जय के जयघोष से शहर गूंजता रहा।
जयपाल सिंह स्टेडियम में फहराया तिरंगा
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आंदोलनरत छात्रों ने सबसे पहले जयपाल सिंह स्टेडियम परिसर में तिरंगा फहराया। इसके बाद छात्रों ने सामूहिक रूप से तिरंगा यात्रा निकालने का फैसला किया। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर बड़ी संख्या में छात्र यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान छात्रों ने देशभक्ति के नारे लगाए और एकजुटता का संदेश दिया।
इन रास्तों से गुजरी तिरंगा यात्रा
छात्रों की तिरंगा यात्रा जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू होकर कचहरी चौक, न्यूक्लियस मॉल और जेल चौक होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पहुंची। पूरे यात्रा मार्ग में छात्र लगातार ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते रहे। अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचने के बाद छात्रों ने सामूहिक रूप से भारत माता का जयघोष किया। इसके बाद यात्रा शहर के अलग-अलग मार्गों से होते हुए वापस जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंची, जहां इसका समापन किया गया।
भर्ती रद्द करने और CBI जांच की मांग
तिरंगा यात्रा में शामिल छात्र वही हैं, जो पिछले कई दिनों से JSSC CGL भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर छात्र विधानसभा घेराव भी कर चुके हैं।
हालांकि, छात्रों की मांगों पर अभी तक सरकार की ओर से उनकी अपेक्षा के अनुरूप फैसला नहीं हुआ है।
जयपाल सिंह स्टेडियम में जारी है आंदोलन
मांगें पूरी नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में डटे हुए हैं और लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर निकाली गई तिरंगा यात्रा के जरिए छात्रों ने एक तरफ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का संदेश दिया, तो दूसरी तरफ देशभक्ति और राष्ट्रीय एकजुटता का भी संदेश दिया। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे और जब तक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े उनके सवालों का समाधान नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।