Nepal Flood News: नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसका असर अब भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के बीच नेपाल की ओर से बहकर तीन शव भारत की सीमा में उत्तर प्रदेश के महराजगंज पहुंच गए। शवों की सूचना मिलते ही सशस्त्र सीमा बल (SSB) की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों शवों को नदी से बाहर निकाला।
तेज बहाव के बीच नदी में मिले शव
नेपाल में लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसी का असर गंडक नदी में भी देखने को मिल रहा है, जहां पानी का बहाव काफी तेज हो गया है।
इसी दौरान तीन शव पानी के साथ बहते हुए भारतीय सीमा की ओर पहुंच गए। नदी में शवों के होने की सूचना मिलते ही SSB की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
SSB जवानों ने चलाया रेस्क्यू अभियान
गंडक नदी का बहाव तेज होने के कारण शवों को बाहर निकालना रेस्क्यू टीम के लिए चुनौतीपूर्ण था। जवानों ने नदी की स्थिति का आकलन करने के बाद सावधानीपूर्वक अभियान चलाया।
कड़ी मशक्कत के बाद तीनों शवों को नदी से बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई और शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए सौंपने की कार्रवाई शुरू की गई।
शवों की पहचान की कोशिश जारी
फिलहाल तीनों मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। अधिकारियों की ओर से शवों की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मृतक नेपाल के किस इलाके के रहने वाले थे और वे पानी के तेज बहाव में बहकर महराजगंज तक कैसे पहुंचे।
मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई संबंधित अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी निगरानी
नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा से लगे इलाकों में भी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। गंडक नदी में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
नेपाल की बाढ़ से भारत में भी बढ़ी चिंता
नेपाल में लगातार बारिश और बाढ़ का असर सीमावर्ती भारतीय जिलों पर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है।
SSB और स्थानीय प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता नदी के तेज बहाव के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटना है।