लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए अपनी सरकार के कामकाज और जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब जनता अच्छी सरकार चुनती है तो विकास और जनहित के काम भी अच्छे होते हैं।
सीएम योगी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा का भी जिक्र किया और इसे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का जिक्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर बहनों को परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई। उनके मुताबिक, पहले दिन करीब 60 लाख महिलाओं ने अपने सहयात्रियों के साथ यात्रा की और अपने भाइयों को राखी बांधी।
योगी ने कहा कि शनिवार रात 12 बजे तक भी मुफ्त यात्रा की सुविधा जारी रहेगी। इसके बाद 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश के भीतर परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने की बात उन्होंने कही।
‘2017 से पहले नहीं थी ये सुविधा’
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की ओर से आपदा और दुर्घटनाओं के मामलों में दी जाने वाली आर्थिक सहायता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सांप के काटने से मौत होने पर परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता दी जाती है।
उन्होंने जंगली जानवर या पागल कुत्ते के काटने से मौत, आकाशीय बिजली गिरने और बाढ़ में जान जाने जैसे मामलों में भी सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दिए जाने की बात कही। योगी ने दावा किया कि ऐसी कई सुविधाएं 2017 से पहले उपलब्ध नहीं थीं।
बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए भी सहायता का दावा
सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ में किसी किसान या बटाईदार के परिवार के सदस्य की मौत होने पर 5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं, बाढ़ में गरीब परिवार का मकान या झोपड़ी प्रभावित होने पर जमीन का पट्टा देने और प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत करने की व्यवस्था का भी उन्होंने जिक्र किया।
उन्होंने इन योजनाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली ‘डबल इंजन’ सरकार की जनहितकारी नीतियों से जोड़ा।
2027 से पहले बढ़ रहा सियासी टकराव
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और बीजेपी तथा समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबला लगातार तेज हो रहा है। हाल के दिनों में योगी आदित्यनाथ कई मौकों पर पिछली सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हैं। वहीं, सपा की ओर से भी बीजेपी सरकार की नीतियों और दावों पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री योगी का यह बयान भी 2027 के चुनावी नैरेटिव से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां सरकार अपनी योजनाओं और विकास कार्यों को सामने रखकर जनता के बीच समर्थन मजबूत करने की कोशिश कर रही है।