लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में AI तकनीक के इस्तेमाल को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ा एक AI वीडियो दिखाया गया, जिसमें सीएम योगी की छवि को चिलम पीते हुए दिखाया गया है। वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।
AI वीडियो में CM योगी की आपत्तिजनक छवि
बताया जा रहा है कि वीडियो को AI तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर और छवि का इस्तेमाल करते हुए उन्हें चिलम पीते हुए दिखाया गया है। वीडियो को फिल्मी गाने ‘मुन्नी बदनाम हुई’ की तर्ज पर तैयार किया गया है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं और संत समाज की ओर से भी इस पर आपत्ति जताई गई है।
BJP ने साधा अखिलेश यादव पर निशाना
बीजेपी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर मुख्यमंत्री की छवि को आपत्तिजनक तरीके से पेश किया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने इसे मर्यादा के खिलाफ बताते हुए अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा।
वहीं, अखिलेश यादव की ओर से इस वीडियो को लेकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी यूपी की राजनीति में AI से तैयार वीडियो को लेकर बीजेपी और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आ चुके हैं।
चुनाव से पहले AI बना नया सियासी हथियार
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सोशल मीडिया और AI तकनीक राजनीतिक प्रचार का अहम माध्यम बनती जा रही है। पार्टियां AI से तैयार वीडियो और डिजिटल कंटेंट के जरिए अपने विरोधियों पर निशाना साध रही हैं।
हालांकि, इस पूरे विवाद ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि राजनीतिक व्यंग्य और किसी नेता की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले AI कंटेंट के बीच सीमा कहां तय की जाए