मुंबई: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया है। 89 वर्षीय अन्ना हजारे की सेहत पर डॉक्टर गौतम भंसाली और उनकी मेडिकल टीम लगातार नजर बनाए हुए है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
कई दिनों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां
जानकारी के मुताबिक, अन्ना हजारे पिछले कुछ दिनों से खांसी, तेज बुखार, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। तबीयत में अपेक्षित सुधार नहीं होने के बाद उन्हें इलाज के लिए मुंबई लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने का फैसला किया।
कमजोरी और स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें ICU में रखा गया है। फिलहाल अस्पताल की ओर से उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल अपडेट का इंतजार है।
2011 के आंदोलन से देशभर में मिली पहचान
अन्ना हजारे साल 2011 में हुए ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन के बाद देशभर में चर्चा में आए थे। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके आंदोलन ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक बहस को जन्म दिया था।
महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि को एक मॉडल गांव के रूप में विकसित करने में भी अन्ना हजारे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वह लंबे समय से सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाते रहे हैं।
छात्रों के समर्थन में भी उठाई आवाज
हाल के वर्षों में अन्ना हजारे ने शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। NEET पेपर लीक विवाद के दौरान उन्होंने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई थी।
अन्ना हजारे लगातार शांतिपूर्ण आंदोलन और लोकतांत्रिक तरीकों के जरिए समस्याओं के समाधान की वकालत करते रहे हैं। उनका कहना रहा है कि हिंसा के बजाय संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से ही समाज और देश के हित में स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।