Andhra Pradesh Temples: आंध्र प्रदेश में अब 5,000 नए मंदिरों के निर्माण की तैयारी तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्यभर में प्रस्तावित मंदिरों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) और धर्मादा विभाग के अधिकारियों से मंदिरों के लिए जल्द से जल्द जमीन और स्थान तय करने को कहा है। स्थल का अंतिम चयन होते ही निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंदिरों से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में नए मंदिरों के निर्माण के साथ पुराने मंदिरों के जीर्णोद्धार, पुजारियों के प्रशिक्षण और मंदिरों के बेहतर प्रबंधन को लेकर भी चर्चा हुई।
28 जिलों से मिले 4,192 मंदिरों के प्रस्ताव
समीक्षा बैठक में TTD के कार्यकारी अधिकारी मुद्दादा रवि चंद्र ने बताया कि राज्य के 28 जिलों और 161 विधानसभा क्षेत्रों से 4,192 मंदिरों के निर्माण के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं अब तक 967 मंदिरों का निर्माण पूरा हो चुका है।
अधिकारियों के मुताबिक मंदिर निर्माण के लिए अलग-अलग क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की बस्तियों के अलावा मछुआरा बस्तियां, कमजोर वर्गों की बस्तियां और सामान्य क्षेत्र शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही मंदिरों के लिए उपयुक्त स्थानों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा, निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
श्रीवाणी ट्रस्ट के फंड के इस्तेमाल का सुझाव
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मंदिर निर्माण और धार्मिक गतिविधियों के लिए श्रीवाणी ट्रस्ट से प्राप्त धन के इस्तेमाल का सुझाव दिया। उन्होंने TTD को हिंदू धर्म और आध्यात्मिकता के प्रचार-प्रसार से जुड़े कार्यक्रमों का विस्तार करने को भी कहा।
उन्होंने धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए बेहतर आध्यात्मिक केंद्र के तौर पर विकसित करने पर जोर दिया।
11.8 लाख श्रीवारी सेवा स्वयंसेवकों की ली जाएगी मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि TTD के पास करीब 11.8 लाख श्रीवारी सेवा स्वयंसेवक हैं। नए मंदिरों में इन स्वयंसेवकों की सेवाओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
उन्होंने मंदिरों के संचालन और गतिविधियों के लिए बोर्ड सदस्यों, श्रद्धालुओं और श्रीवारी सेवा स्वयंसेवकों को शामिल करते हुए कार्यकारी समितियां गठित करने की संभावना पर भी विचार करने को कहा।
देश-विदेश में बनेंगे भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर
चंद्रबाबू नायडू ने अन्य राज्यों की राजधानियों में भी भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित राज्य सरकारों से बातचीत की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, विदेशों में भी भगवान वेंकटेश्वर के मंदिरों के निर्माण की मांग सामने आ रही है। उन्होंने विशेष रूप से मॉरीशस का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां से भी मंदिर निर्माण की मांग आई है।
उन्होंने श्रीवारी मंदिरों को हिंदुओं के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
पुजारियों के प्रशिक्षण के लिए बनेगा विशेष कोर्स
नए मंदिरों में पूजा-पाठ के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित पुजारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी सरकार की योजना का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने पुजारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही मंदिरों में मूर्तियों की स्थापना और पुजारियों के प्रशिक्षण के लिए एक व्यापक योजना तैयार करने को कहा गया है, ताकि नए मंदिरों के शुरू होने के बाद धार्मिक गतिविधियों में किसी तरह की परेशानी न आए।
1,000 प्राचीन मंदिरों का होगा जीर्णोद्धार
नए मंदिरों के निर्माण के साथ मुख्यमंत्री ने राज्य के 1,000 मौजूदा प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार का भी निर्देश दिया है।
उन्होंने प्राचीन मंदिरों के संरक्षण के साथ-साथ शिव मंदिरों और शक्तिपीठों के विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। सरकार का उद्देश्य पुराने धार्मिक स्थलों के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
28 हजार मंदिरों का तैयार होगा डिजिटल रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री ने राज्यभर के मंदिरों का विस्तृत डिजिटल ब्योरा तैयार करने का निर्देश भी दिया है। उन्होंने धर्मादा विभाग के करीब 28,000 मंदिरों, TTD के 65 मंदिरों और प्रस्तावित 5,000 नए मंदिरों के प्रभावी प्रबंधन के लिए पहले से व्यापक योजना तैयार करने को कहा।
इस डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए मंदिरों से जुड़ी जानकारी, प्रबंधन और विकास कार्यों की निगरानी को व्यवस्थित करने पर जोर दिया जाएगा।