जन्माष्टमी से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मथुरा दौरा एक बार फिर चर्चा में है। मुख्यमंत्री 3 और 4 सितंबर को मथुरा के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जहां वह विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में भी शामिल होंगे।
मथुरा में योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और ब्रज क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि अगर अयोध्या को श्रीराम जन्मभूमि के रूप में जाना जाता है, तो मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है। उनके मुताबिक, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन और राधाकुंड की पौराणिक पहचान को फिर से मजबूत करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
योगी ने अपने संबोधन में काशी और अयोध्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज काशी विश्वनाथ धाम अपने भव्य स्वरूप में देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जबकि अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण हुआ है। इसी क्रम में उन्होंने मथुरा की धार्मिक विरासत को भी आधुनिक विकास से जोड़ने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रज क्षेत्र की हजारों साल पुरानी विरासत को संरक्षित करने के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है। सरकार का जोर धार्मिक स्थलों के विकास और तीर्थ यात्रियों की सुविधा बढ़ाने पर है।
मथुरा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को भी प्रमुखता दी। इससे पहले उनके दो दिवसीय दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी थीं। कार्यक्रम के दौरान विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ जन्माष्टमी समारोह में उनकी मौजूदगी भी तय है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विरोधियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज और देश को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने गो संरक्षण और ब्रज क्षेत्र में गौशालाओं के विकास का भी जिक्र किया।
जन्माष्टमी से ठीक पहले मथुरा से योगी का यह संदेश इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। अयोध्या और काशी के बाद मथुरा को लेकर योगी सरकार का फोकस लंबे समय से चर्चा में रहा है। ऐसे में जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा से श्रीकृष्ण जन्मभूमि, ब्रज की विरासत और धार्मिक पर्यटन को लेकर दिए गए संदेश के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।