Nishu Azad Case: दिल्ली के जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता संजय कुमार से कथित मारपीट का मामला एक बार फिर गरमा गया है। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो के बाद अब मामले में कार्रवाई तेज होने के संकेत हैं। शुक्रवार, 4 सितंबर को CJP के नेता और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद समेत संगठन के लोग संसद मार्ग थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ने की मांग
मुलाकात के दौरान मौजूदा FIR में SC/ST एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ने और हत्या के प्रयास की धारा लगाने की मांग की गई। वहीं पुलिस से संजय कुमार का दोबारा मेडिकल कराने की भी मांग की गई है।
मामले में पहले से FIR दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के सिर पर चोट लगी थी। FIR में BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में सिर पर दो कटे हुए घाव दर्ज किए गए थे।
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर 307 पर फैसला
सूत्रों के मुताबिक, संजय कुमार के दोबारा मेडिकल के बाद यह तय किया जा सकता है कि मामले में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जाए या नहीं। यानी फिलहाल धारा 307 लगाए जाने की बात को अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
दिल्ली पुलिस ने इससे पहले कहा था कि संजय कुमार को झड़प के दौरान एक आरोपी के हाथ में पहने कड़े से सिर में चोट लगी थी। RML अस्पताल में उनकी जांच हुई थी और पुलिस ने गंभीर चोट या सिर की हड्डी में फ्रैक्चर की पुष्टि से इनकार किया था।
निशु आजाद ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद निशु आजाद ने कार्रवाई का भरोसा मिलने की बात कही। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारियों ने हमें भरोसा दिलाया है कि स्वतंत्र को 72 घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कार्रवाई करने का वादा किया है और हमें उम्मीद है कि अब और देरी नहीं होगी।”
निशु ने ऑनलाइन धमकियों का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कई दिनों से उसके समर्थक मुझे गालियां दे रहे हैं और रेप की धमकियां भेज रहे हैं। मैंने उनके खिलाफ भी FIR दर्ज कराई है। इस घटना ने मुझे बहुत गहरा सदमा पहुंचाया। मैं हफ्तों तक स्कूल नहीं गई और मुझे लगा कि हर कोई मुझे गलत नजर से देख रहा है। मुझे उम्मीद है कि पुलिस अब कार्रवाई करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि मुझे आगे और कोई तकलीफ न उठानी पड़े।”
वकील ऋषभ रंजन ने क्या कहा?
CJP की निशु आजाद की ओर से वकील और AICC लॉ डिपार्टमेंट से जुड़े ऋषभ रंजन ने पुलिस के साथ हुई बैठक को लेकर कहा, “हमने मांग की कि मौजूदा FIR में हत्या की कोशिश, आपराधिक धमकी और SC/ST एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ी जाएं। पुलिस इसके लिए सहमत हो गई है। हमने मांग की है कि निशु को मिल रही ऑनलाइन धमकियों के लिए एक अलग FIR दर्ज की जाए।”
उन्होंने आगे कहा, “दिल्ली पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वे उसे, स्वतंत्र भारद्वाज को, आज या 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर सकते हैं। हमने उन अकाउंट्स की लिस्ट दी है जिनके जरिए निशु के खिलाफ ऑनलाइन बदसलूकी की जा रही है।”
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला फिर चर्चा में आया। वीडियो में भारद्वाज कथित तौर पर निशु आजाद के पिता पर हमला करने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि इस मामले में उन पर हत्या के प्रयास की धारा लगनी चाहिए थी। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों और पुलिस रिकॉर्ड के बीच अंतर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। संजय कुमार के दोबारा मेडिकल, संभावित नई धाराओं और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर अब निगाहें दिल्ली पुलिस पर हैं। वहीं ऑनलाइन धमकियों को लेकर अलग FIR की मांग भी मामले को और गंभीर बना रही है।