Nishu Azad Case: निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक्शन तेज कर दिया है। शुक्रवार, 4 सितंबर को पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस उसे बुलंदशहर के चोला थाने ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
दरअसल, एक पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा संजय कुमार पर हमले का जिक्र किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेता सक्रिय हो गए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा मामला
स्वतंत्र भारद्वाज का पॉडकास्ट वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। वीडियो में वह जंतर-मंतर पर हुई झड़प और संजय कुमार को लगी चोट का जिक्र करते नजर आए थे। हालांकि, बाद में भारद्वाज ने घटना को लेकर आत्मरक्षा का दावा भी किया है।
संसद मार्ग थाने पहुंचे कई नेता
मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के आशुतोष रांका, सौरव दास, कांग्रेस की छात्र इकाई से विनोद जाखड़ और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद समेत कई नेता संसद मार्ग थाने पहुंचे। नेताओं ने पुलिस अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक बातचीत की और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
SC-ST एक्ट और 307 को लेकर क्या हुआ फैसला?
बैठक के बाद नेताओं की ओर से दावा किया गया कि मामले में SC-ST एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ने पर सहमति बनी है। साथ ही संजय कुमार का दोबारा मेडिकल कराने की बात कही गई है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर हत्या के प्रयास यानी धारा 307 से जुड़ी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
वहीं, पुलिस ने पहले कहा था कि मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया था।
72 घंटे में गिरफ्तारी का मिला था भरोसा
पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के बाद नेताओं ने बताया था कि स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का भरोसा दिया गया है। इसी बीच अब उसके बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आखिरकार, दिल्ली पुलिस ने उस संघी गुंडे के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और कहा है कि उसे 72 घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के सामने हुए हेट क्राइम के लिए FIR दर्ज कराने में ही दो महीने और एक विरोध-प्रदर्शन का समय लग गया। पुलिस विभाग को ठीक करो!”