उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और पुलिसर्मी की संदिग्ध भूमिका का एक ताजा मामला सामने आया है। ठगी के एक मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने वाले एक दरोगा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में मध्यस्थता करने और कथित तौर पर गलत तरीके से समझौता कराने वाले दरोगा के खिलाफ ही अब एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठगी की एक शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय दरोगा ने मामले को रफा-दफा कराने में अहम भूमिका निभाई थी। शुरुआती जांच के दौरान जब इस मामले की परतें खुलीं, तो दरोगा की संलिप्तता संदिग्ध पाई गई। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।
फिलहाल, पुलिस विभाग के भीतर इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और दरोगा की भूमिका को लेकर विभाग स्तर पर भी विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।