भारतीय स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का वह भाला, जिसका इस्तेमाल उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने के लिए किया था, एक बड़ी कीमत पर नीलाम हुआ है। इस भाले की बोली 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा तक पहुंच गई। खेल प्रेमियों और देशवासियों के लिए यह एक गौरवशाली पल है।
अब सवाल यह उठता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश-विदेश से मिलने वाले तोहफों की नीलामी क्यों की जाती है। दरअसल, प्रधानमंत्री को मिलने वाले इन विशेष उपहारों को राष्ट्रीय स्तर पर नीलाम करने की परंपरा है। इस नीलामी प्रक्रिया के जरिए जो भी धनराशि एकत्रित होती है, उसका उपयोग पूरी तरह से सामाजिक और जनहित के कार्यों में किया जाता है।
इन निलामियों से मिलने वाले फंड का मुख्य उपयोग देश की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी नदी सफाई परियोजना, यानी ‘नमामि गंगे’ अभियान में किया जाता है। इसके माध्यम से गंगा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के कार्यों को वित्तीय सहायता मिलती है। यह पहल देश की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्यों को भी पूरा करती है।