नई दिल्ली: चर्चित निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को भूपतवाला इलाके में एक चाय की दुकान पर सुरेंद्र कोली का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस फिलहाल इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला मान रही है और पोस्टमार्टम व फोरेंसिक जांच के जरिए मौत की वजह पता लगाने की कोशिश कर रही है।
इसी बीच निठारी कांड की एक पीड़िता के पिता झब्बू लाल ने कोली की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया है। उन्होंने दावा किया कि सुरेंद्र कोली की हत्या की गई है। उनका कहना है कि जेल से रिहा होने के बाद कोली अपने परिवार के साथ नई जिंदगी शुरू कर रहा था और चाय की दुकान चलाकर कमाई कर रहा था, ऐसे में उन्हें उसकी आत्महत्या की बात पर संदेह है।
‘किसी ने मरवा दिया होगा’
झब्बू लाल ने कहा कि अगर सुरेंद्र कोली को जेल में आत्महत्या करनी होती तो उसकी स्थिति को समझा जा सकता था, लेकिन लंबे समय बाद जेल से बाहर आने और परिवार के साथ रहने के दौरान उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आशंका जताई कि किसी ने उसकी हत्या करवाई होगी।
पीड़ित के पिता ने यह भी दावा किया कि कोली के पास निठारी कांड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी थी और संभव है कि वह किसी बड़े राज का खुलासा करने वाला था। हालांकि, इन दावों की अभी पुलिस जांच से पुष्टि नहीं हुई है।
मोनिंदर पंढेर को लेकर भी लगाए आरोप
झब्बू लाल ने सुरेंद्र कोली की भूमिका को लेकर भी अलग दावा किया। उनका कहना है कि निठारी कांड में कोली मुख्य अपराधी नहीं था, बल्कि उसके मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर की भूमिका की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। ये पीड़ित परिवार के आरोप हैं और मौजूदा जांच में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चाय की दुकान पर मिला शव
पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था। शुक्रवार को भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड पर एक किराए की चाय की दुकान में उसका शव फंदे से लटका मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की जांच की है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
करीब 19 साल जेल में रहा था कोली
निठारी कांड 2005-06 में नोएडा के निठारी इलाके में बच्चों और महिलाओं के लापता होने तथा बाद में मानव अवशेष मिलने के बाद सामने आया था। सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को मामले में आरोपी बनाया गया था।
कोली को कई मामलों में दोषी ठहराया गया और उसे मौत की सजा भी सुनाई गई थी। हालांकि, बाद की न्यायिक प्रक्रिया में अभियोजन के साक्ष्यों और जांच को लेकर सवाल उठे और वह विभिन्न मामलों में बरी होता गया। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से आखिरी मामले में राहत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया था।
फिलहाल सुरेंद्र कोली की मौत को लेकर दो अलग-अलग बातें सामने हैं—पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या मान रही है, जबकि निठारी कांड के एक पीड़ित के पिता ने हत्या की आशंका जताई है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।