मुंबई: मुंबई में एक दर्दनाक सड़क हादसे में IndiGo Airlines की 32 वर्षीय केबिन क्रू सदस्य कैनूर मिस्त्री की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब वह ड्यूटी पूरी करने के बाद कंपनी की कैब से अपने घर लौट रही थीं। यह दुर्घटना 18 सितंबर 2026 को बोरीवली ईस्ट स्थित वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर हुई थी।
पुल की रेलिंग से टकराई कैब
जानकारी के मुताबिक, कैनूर मिस्त्री अपनी शिफ्ट खत्म होने के बाद कैब से मीरा रोड स्थित अपने घर जा रही थीं। बोरीवली ईस्ट के पास वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर कैब ड्राइवर ने कथित तौर पर वाहन से नियंत्रण खो दिया।
इसके बाद कार पुल की रेलिंग से जा टकराई। टक्कर के दौरान पीछे की सीट पर बैठी कैनूर के सिर में गंभीर चोट आई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था। लेकिन गंभीर चोटों के चलते उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
32 साल की थीं कैनूर मिस्त्री
कैनूर मिस्त्री मुंबई के मीरा रोड इलाके में रहती थीं और IndiGo की केबिन क्रू टीम का हिस्सा थीं। परिवार के मुताबिक, उनका एक 8 साल का बेटा भी है। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।
कैब ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज
हादसे के बाद पुलिस ने कैब ड्राइवर विजय खोसे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में लापरवाही से वाहन चलाने और लोगों की जान को खतरे में डालने से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई थी।
कैनूर मिस्त्री की मौत के बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत लापरवाही से मौत का कारण बनने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने ड्राइवर को नोटिस भी जारी किया है।
कंपनी की कैब से घर लौट रही थीं
रिपोर्ट के मुताबिक IndiGo अपने कर्मचारियों के लिए pick-up और drop की सुविधा उपलब्ध कराती है। इसके लिए मयूरेश टूर एंड ट्रैवल्स को परिवहन सेवा का ठेका दिया गया था।
इसी व्यवस्था के तहत कैनूर मिस्त्री हादसे के समय कैब से अपने घर लौट रही थीं। हादसे के बाद कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली transport facilities की safety और monitoring को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक कैब के नियंत्रण से बाहर होने के बाद वाहन पुल की रेलिंग से टकराया था।
इस हादसे ने एक बार फिर corporate transport में कर्मचारियों की safety, वाहन चालकों की निगरानी और रात की shifts के बाद सुरक्षित transportation व्यवस्था से जुड़े सवाल सामने ला दिए हैं।