आज के समय में ChatGPT जैसे AI चैटबॉट पढ़ाई, रिसर्च, कोडिंग, कंटेंट राइटिंग और रोजमर्रा के कई कामों में मदद कर रहे हैं। लेकिन हर काम के लिए AI पर निर्भर रहना सही नहीं है। खासकर जब मामला निजी जानकारी, मेडिकल सलाह, कानूनी विवाद या ऑफिस के गोपनीय डेटा से जुड़ा हो।
ABP Live की रिपोर्ट के मुताबिक, ChatGPT का इस्तेमाल करते समय कुछ ऐसी गलतियों से बचना चाहिए, जिनसे प्राइवेसी, सुरक्षा या गलत जानकारी से जुड़ी परेशानी हो सकती है।
1. कानूनी सलाह के लिए पूरी तरह AI पर निर्भर न रहें
कानूनी मामलों में ChatGPT से सामान्य जानकारी ली जा सकती है, लेकिन इसे वकील का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। AI कभी-कभी ऐसे केस, कानूनी संदर्भ या दलीलें भी तैयार कर सकता है जो वास्तविक न हों।
एक रिसर्च डेटाबेस के मुताबिक, दुनिया भर में 2,000 से ज्यादा ऐसे अदालती मामलों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है, जिनमें AI से तैयार किए गए गलत उद्धरण या कानूनी संदर्भ सामने आए। इसलिए किसी वास्तविक केस में AI के जवाब को इस्तेमाल करने से पहले योग्य कानूनी विशेषज्ञ से पुष्टि करना जरूरी है।
2. बीमारी या इलाज का फैसला ChatGPT से न करें
अपने लक्षणों के आधार पर बीमारी का पता लगाने, दवा तय करने या इलाज शुरू करने के लिए केवल ChatGPT पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
AI किसी मेडिकल रिपोर्ट या मेडिकल टर्म को समझाने में मदद कर सकता है, लेकिन बीमारी का निदान और इलाज डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही होना चाहिए। रिपोर्ट में एक ऐसे मामले का भी उल्लेख है, जिसमें AI से मिली गलत डाइट संबंधी सलाह के बाद एक व्यक्ति को गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ा।
3. ऑफिस की गोपनीय जानकारी अपलोड न करें
कंपनी की कॉन्फिडेंशियल फाइल, आंतरिक दस्तावेज, सोर्स कोड, ग्राहक की निजी जानकारी या NDA के तहत आने वाला डेटा किसी AI चैटबॉट में डालने से पहले कंपनी की डेटा पॉलिसी जरूर देखें।
रिपोर्ट में Samsung का उदाहरण दिया गया है, जहां कर्मचारियों द्वारा इंटरनल सोर्स कोड AI टूल में डालने के बाद कंपनी ने अपने डिवाइस पर जनरेटिव AI टूल्स के इस्तेमाल को लेकर प्रतिबंध लगाए थे।
4. पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल्स शेयर न करें
ChatGPT या किसी भी AI चैटबॉट में पासवर्ड, OTP, बैंक अकाउंट नंबर, कार्ड की पूरी जानकारी, पासपोर्ट नंबर या पहचान पत्र की फोटो जैसी संवेदनशील जानकारी नहीं डालनी चाहिए।
ऐसी जानकारी गलत तरीके से एक्सेस होने पर पहचान की चोरी या वित्तीय नुकसान का जोखिम पैदा कर सकती है। इसलिए किसी समस्या को समझाने के लिए भी इन जानकारियों को छिपाकर या हटाकर ही सवाल पूछना बेहतर है।
5. गंभीर मानसिक संकट में AI को प्रोफेशनल मदद का विकल्प न मानें
ChatGPT से तनाव या रोजमर्रा की परेशानियों पर बातचीत की जा सकती है, लेकिन गंभीर मानसिक संकट, आत्महत्या के विचार या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी स्थिति में AI को थेरेपिस्ट या इमरजेंसी सेवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
ऐसी परिस्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, डॉक्टर या स्थानीय आपातकालीन सेवा से संपर्क करना ज्यादा उचित है। रिपोर्ट में भी ऐसे मामलों में प्रोफेशनल मदद लेने पर जोर दिया गया है।
AI का इस्तेमाल करें, लेकिन संवेदनशील जानकारी से बचें
ChatGPT जैसे AI टूल सामान्य जानकारी, रिसर्च, लेखन और कई दूसरे कामों में उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन संवेदनशील डेटा साझा करने और महत्वपूर्ण फैसले केवल AI के जवाब के आधार पर लेने से बचना चाहिए।
खास तौर पर पासवर्ड, OTP, बैंकिंग डिटेल, पहचान संबंधी दस्तावेज, गोपनीय ऑफिस डेटा और संवेदनशील कानूनी या मेडिकल जानकारी शेयर नहीं करनी चाहिए।