मुंबई | भारत अपडेट: हिंदी सिनेमा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्ममेकर संजय गुप्ता का निधन हो गया है। ‘कांटे’, ‘काबिल’, ‘जिंदा’ और ‘शूटआउट एट वडाला’ जैसी चर्चित फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाने वाले संजय गुप्ता ने 30 अक्टूबर 2026 को अंतिम सांस ली। उनके अचानक निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय गुप्ता शुक्रवार रात अपने मुंबई स्थित घर में गिर गए थे। इस हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई। शनिवार सुबह उनके निधन की खबर सामने आई। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा कर उनके निधन की पुष्टि की।
अशोक पंडित ने दी निधन की जानकारी
फिल्ममेकर अशोक पंडित ने संजय गुप्ता को याद करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि वह इस खबर से बेहद स्तब्ध और दुखी हैं। उन्होंने संजय को शानदार कहानीकार, जिंदगी से भरपूर इंसान और सिनेमा के प्रति जुनूनी फिल्ममेकर बताया। अशोक पंडित ने अपने संदेश में कहा कि संजय गुप्ता का जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। उन्होंने दिवंगत फिल्ममेकर के परिवार और करीबियों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकारों और फिल्म निर्माताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
‘कांटे’ से बनाई अपनी अलग पहचान
संजय गुप्ता का नाम बॉलीवुड में स्टाइलिश एक्शन, क्राइम थ्रिलर और अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्मों के लिए जाना जाता था। उन्होंने 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में संजय दत्त और आदित्य पंचोली मुख्य भूमिकाओं में थे।
इसके बाद उन्होंने ‘राम शास्त्र’, ‘जंग’ और ‘खौफ’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया, लेकिन साल 2002 में आई फिल्म ‘कांटे’ ने उन्हें खास पहचान दिलाई। अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी और महेश मांजरेकर जैसे सितारों से सजी इस फिल्म को आज भी दर्शक याद करते हैं।
‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ और ‘काबिल’ से मिली बड़ी पहचान
साल 2007 में आई फिल्म ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ से संजय गुप्ता बतौर निर्माता जुड़े थे। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और मुंबई अंडरवर्ल्ड की कहानी को बड़े पर्दे पर दिखाने के लिए खूब चर्चा में रही।
इसके बाद संजय गुप्ता ने ‘शूटआउट एट वडाला’ का निर्देशन किया। इसके अलावा ऋतिक रोशन और यामी गौतम की फिल्म ‘काबिल’, ऐश्वर्या राय बच्चन की ‘जज्बा’ और जॉन अब्राहम की ‘मुंबई सागा’ भी उनके चर्चित निर्देशन कार्यों में शामिल हैं।
आखिरी फिल्म भी रही चर्चा में
संजय गुप्ता ने निर्देशन के अलावा फिल्म निर्माण और लेखन में भी काम किया। उन्होंने व्हाइट फेदर फिल्म्स के जरिए कई फिल्मों का निर्माण किया। उनकी चर्चित फिल्मों में ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’, ‘दस कहानियां’, ‘एसिड फैक्ट्री’ और ‘पंख’ शामिल हैं। उनके हालिया प्रोजेक्ट्स में ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ भी शामिल रही, जो 2025 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में हर्षवर्धन राणे और मीजान जाफरी नजर आए थे।
फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति
संजय गुप्ता का फिल्मी सफर करीब तीन दशक तक फैला रहा। उन्होंने हिंदी सिनेमा में एक्शन और क्राइम थ्रिलर फिल्मों को अपनी अलग शैली दी। उनकी फिल्मों के संवाद, एक्शन और कहानी कहने का अंदाज दर्शकों के बीच खास पहचान रखता था।उनके अचानक चले जाने से बॉलीवुड ने एक ऐसे फिल्ममेकर को खो दिया है, जिसने पर्दे पर मुंबई की अपराध दुनिया और एक्शन की कहानियों को अपने खास अंदाज में पेश किया।
भारत अपडेट की ओर से दिवंगत फिल्ममेकर संजय गुप्ता को भावभीनी श्रद्धांजलि। ईश्वर उनके परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करे।


