नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA ब्लॉक ने 31 अक्टूबर को दिल्ली में प्रतीकात्मक सार्वजनिक ‘इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम आयोजित किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई इस मॉक संसद में करीब 21 विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की, जबकि खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रियाओं में निष्पक्षता नहीं बरत रहा है। INDIA ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग भी की है।
खड़गे ने CEC पर लगाए 6 आरोप
कार्यक्रम के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह प्रमुख आरोप रखे गए। विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों में शामिल हैं—
- चुनावों में धांधली की साजिश रचने का आरोप।
- SIR के दौरान 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप।
- संसद की मंजूरी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव करने का आरोप।
- ECINET के जरिए मतदाता सूची पर नियंत्रण करने का आरोप।
- दो अन्य चुनाव आयुक्तों को निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखने का आरोप।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर काम करने का आरोप।
ये सभी विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इनकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से होना अभी जरूरी है।
‘यह लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, संवैधानिक संस्था के लिए है’: खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष की लड़ाई किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सीधे निर्देश पर चुनाव आयोग चला रहे हैं।
खड़गे ने दावा किया कि करीब सात महीने पहले विपक्ष के 193 सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस दिया था, लेकिन उन नोटिसों को स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्षता से काम करना चाहिए, ताकि आम जनता का भरोसा बना रहे।
उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि कमजोर वर्गों, महिलाओं और युवाओं के मतदान के अधिकार सुरक्षित रहने चाहिए।
राहुल गांधी भी कार्यक्रम में पहुंचे
इस सार्वजनिक कार्यक्रम में राहुल गांधी भी शामिल हुए। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में INDIA ब्लॉक के नेताओं के साथ-साथ सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों को भी अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जिन नागरिकों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा।
संबित पात्रा ने नेहरू का जिक्र कर कांग्रेस पर किया पलटवार
विपक्ष के आरोपों के बीच बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘वोट चोरी’ वाले आरोप का जवाब देते हुए दावा किया कि देश में वोट चोरी का इतिहास कांग्रेस से जुड़ा रहा है।
पात्रा ने जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रधानमंत्री चुने जाने के प्रसंग का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि नेहरू को प्रधानमंत्री बनाने के लिए उस समय वोटों में हेरफेर हुआ था। उन्होंने नेहरू को ‘निर्वाचित नहीं हुए प्रधानमंत्री’ भी कहा। यह संबित पात्रा का राजनीतिक दावा है।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की रैली
CEC के खिलाफ सार्वजनिक ‘इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम को 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA ब्लॉक की रैली से पहले विपक्ष की लामबंदी के तौर पर भी देखा जा रहा है। यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को आयोजित होना था, लेकिन दिल्ली में भारी बारिश के कारण इसे टाल दिया गया था।
इस पूरे विवाद के केंद्र में SIR, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्ष के सवाल हैं। वहीं, बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया है। ऐसे में चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।


