रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जेल से रिहाई के साथ ही एक बार फिर उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। शनिवार को रामपुर जेल से बाहर आने की प्रक्रिया के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम जेल के गेट पर पहुंच गई। टीम के साथ पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि ईडी की करीब तीन गाड़ियां जेल के बाहर पहुंचीं। रिहाई के बाद आजम खान को ईडी अपनी हिरासत में ले सकती है। हालांकि, फिलहाल उनकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दरअसल, दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रिहाई का रास्ता साफ हुआ था। अदालत की ओर से रिहाई के परवाने जारी होने के बाद समर्थकों में खुशी का माहौल था। लेकिन जेल के बाहर ईडी की टीम पहुंचने से इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ आ गया।
‘क्या मुसलमान होने की यही सजा है?’
जेल से बाहर निकलने के दौरान आजम खान ने मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘अब कहने के लिए बचा ही क्या है? मैं क्या कहूं? कानून तो जैसे खत्म ही हो गया है। क्या मुसलमान होने की यही सजा है?’
आजम खान ने आगे कहा कि उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। उन्होंने कहा, ‘हमारी गलती बस इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। यही हमारा गुनाह है। हमने बच्चों के लिए स्कूल बनवाए। क्या यही हमारा गुनाह है?’
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ED की कार्रवाई
दरअसल, ईडी आजम खान और उनसे जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के खिलाफ कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है। हाल ही में एजेंसी ने रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी परिसर की कई संपत्तियों को भी अटैच किया था। इस मामले में ईडी की ओर से नई एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद आजम खान की मुश्किलें बढ़ी हैं।
रिहाई के बाद भी कानूनी मुश्किलें बरकरार
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम नवंबर 2025 से रामपुर जेल में बंद थे। दोनों को दो पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाए बिना जमानत मंजूर कर ली थी। इसके बाद अन्य मामलों में जमानत की औपचारिकताएं पूरी होने पर दोनों की रिहाई के परवाने जारी किए गए।
हालांकि, ईडी की टीम के जेल पहुंचने से आजम खान की रिहाई के बाद की स्थिति को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि ईडी इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई करती है।


