नई दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर चल रही बहस के बीच बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करने के लिए 10 महीने का समय काफी नहीं है। शनिवार को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान निकालने के लिए कम से कम दो साल का वक्त दिया जाना चाहिए।
पीटीआई वीडियोज से बातचीत में मनोज तिवारी ने कहा, “प्रदूषण पर हमारा काम अभी शुरू ही हुआ है। 10 महीनों में किसी भी सरकार के प्रदर्शन का अंतिम आकलन नहीं किया जा सकता। दिल्ली के लिए वायु प्रदूषण एक बड़ी चुनौती है और सरकार पहले दिन से इस पर गंभीरता से काम कर रही है।” उन्होंने दिल्ली के लोगों से सरकार पर भरोसा रखने और धैर्य बनाए रखने की अपील की।
मनोज तिवारी ने यह भी दावा किया कि इस साल दिल्ली में गंभीर प्रदूषण की स्थिति बहुत कम समय के लिए रही। उनके मुताबिक, “इस बार मुश्किल हालात केवल 15–16 दिनों तक रहे, जबकि पिछले वर्षों में यह स्थिति कहीं ज्यादा लंबे समय तक रहती थी।” उन्होंने कहा कि प्रदूषण रातों-रात खत्म नहीं हो सकता और इसके लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है।
बीजेपी सांसद ने अपना निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें अस्थमा की समस्या है। उन्होंने कहा कि पहले के वर्षों में उन्हें प्रदूषण के कारण करीब सवा महीने तक दिल्ली से बाहर रहना पड़ता था, लेकिन इस साल उन्हें सिर्फ 15–16 दिनों के लिए ही ज्यादा परेशानी हुई। उनके अनुसार, “इस बार भी दिक्कतें रहीं, लेकिन बाकी समय मैं दिल्ली में ही रहा। अगर सही तरीके से समीक्षा की जाए तो हालात पहले से बेहतर हैं, हालांकि अभी किसी तरह का बड़ा दावा करना जल्दबाजी होगी।”
मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में प्रदूषण ज्यादा बढ़ने के दावे राजनीतिक बयानबाजी पर आधारित हैं, जबकि प्रदूषण का आकलन केवल मापने योग्य आंकड़ों से होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की जानकारी सभी के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
उन्होंने यह दावा भी किया कि इस साल दिल्ली में एक्यूआई 415 से ऊपर नहीं गया, जबकि पिछले वर्षों में यह स्तर 900 तक पहुंच चुका है। एक्यूआई मशीनों से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह हास्यास्पद है, क्योंकि एक्यूआई की जानकारी हर किसी के मोबाइल फोन पर उपलब्ध है।
इस बीच, दिल्ली में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया और एक्यूआई 236 तक सीमित रहा। इसके चलते ग्रैप स्टेज-3 से जुड़ी पाबंदियां भी हटा ली गई हैं।









