नई दिल्ली: लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बना गतिरोध खत्म हो गया है। अब इस महत्वपूर्ण विधेयक पर मंगलवार (28 जुलाई) को सदन में विस्तृत चर्चा होगी, जिसके बाद वोटिंग कराई जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमति बना ली है।
स्पीकर की पहल से बनी सहमति
सदन की कार्यवाही के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से अपील की कि पेपर लीक का मुद्दा देश के करोड़ों छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर व्यापक और सार्थक चर्चा होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स से अलग-अलग बातचीत की, जिसके बाद सभी पक्ष मंगलवार को विधेयक पर चर्चा कराने के लिए तैयार हो गए।
एंटी पेपर लीक बिल पर होगी विस्तृत बहस
सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, संगठित परीक्षा माफिया और अन्य अनुचित गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया है। मंगलवार को होने वाली चर्चा के दौरान विभिन्न राजनीतिक दल बिल के प्रावधानों पर अपने सुझाव और संशोधन भी पेश करेंगे। बहस पूरी होने के बाद सरकार विपक्ष के सवालों और सुझावों का जवाब देगी, जिसके बाद विधेयक को सदन की मंजूरी के लिए वोटिंग में रखा जाएगा।
संसदीय परंपराओं का सकारात्मक उदाहरण
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल को संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक संवाद का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है। उनके प्रयासों से सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि राष्ट्रीय महत्व के इस विधेयक पर सार्थक चर्चा होगी और छात्रों के हित से जुड़े अहम सुझाव भी सामने आएंगे।
सोमवार को पेश हुआ था विधेयक
नीट पेपर लीक के खिलाफ कई सप्ताह तक चले देशव्यापी छात्र आंदोलनों के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश किया था। सत्तापक्ष के सांसदों ने मेज थपथपाकर इसका समर्थन किया, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ने संशोधन प्रस्ताव देने के लिए दोपहर एक बजे तक का समय निर्धारित किया था। हालांकि विपक्ष के हंगामे के कारण सोमवार को इस विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी थी, जिसे अब मंगलवार के लिए तय किया गया है।