एशियन गेम्स में खिलाड़ियों को उठानी पड़ी परेशानी, कमरे के लिए करना पड़ा घंटों इंतजार

एशियन गेम्स के दौरान खिलाड़ियों को भारी बदइंतजामी का सामना करना पड़ा है। कमरे मिलने में देरी के कारण खिलाड़ियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

जापान में शनिवार से शुरू हो रहे Asian Games 2026 से पहले खिलाड़ियों को रहने और आने-जाने से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार आयोजकों ने अलग से एथलीट विलेज नहीं बनाया है। खिलाड़ियों के लिए क्रूज शिप, होटल और अस्थायी कमरों में ठहरने की व्यवस्था की गई है। हालांकि, कमरे आवंटित करने, परिवहन और भोजन को लेकर कई देशों के खिलाड़ियों ने परेशानी की शिकायत की है।

भारत के करीब 35 खिलाड़ी भी इस अव्यवस्था से प्रभावित हुए हैं। भारतीय रोइंग टीम को नागोया पहुंचने के बाद क्रूज शिप पर कमरे के लिए करीब 14 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। कुछ खिलाड़ियों को देर रात कमरे मिले और उन्हें कमरे साझा करने के लिए कहा गया। इस दौरान खिलाड़ियों को पानी तो मिला, लेकिन खाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। कुछ खिलाड़ियों ने भारत से साथ लाया खाना खाकर अपनी भूख मिटाई।

14 घंटे तक कमरे का इंतजार

भारतीय रोइंग टीम के खिलाड़ियों के लिए नागोया पहुंचने के बाद आवास की व्यवस्था तुरंत नहीं हो सकी। खिलाड़ियों को क्रूज शिप पर कमरे के लिए करीब 14 घंटे इंतजार करना पड़ा। देर रात कुछ खिलाड़ियों को कमरे मिले, लेकिन उन्हें साझा करना पड़ा।

रिपोर्ट के मुताबिक, आवास की समस्या केवल भारत तक सीमित नहीं है। वियतनाम, चीन, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड के कुछ खिलाड़ियों को भी कमरों की कमी के कारण फर्श पर रात गुजारनी पड़ी।

35 भारतीय खिलाड़ियों को हुई परेशानी

भारतीय दल के करीब 35 खिलाड़ियों को आवास से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ा। स्थिति को संभालने के लिए भारतीय अधिकारियों ने अतिरिक्त होटल कमरे बुक किए हैं। शुरुआत में 18 कमरे बुक किए गए और जरूरत के मुताबिक 10 और कमरे लेने की योजना बनाई गई थी।

इससे पहले भारतीय दल के कुछ अन्य खिलाड़ियों को भी एयरपोर्ट और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। शूटिंग टीम के 35 सदस्यीय दल को भी नागोया पहुंचने के बाद कई घंटे परिवहन का इंतजार करना पड़ा था।

एथलीट विलेज क्यों नहीं बनाया गया?

इस बार एशियन गेम्स के लिए अलग से पारंपरिक एथलीट विलेज नहीं बनाया गया है। आयोजकों ने खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए होटल, अस्थायी कमरों और Costa Serena क्रूज शिप का इस्तेमाल किया है।

आयोजकों का कहना है कि अलग एथलीट विलेज बनाने से लंबे समय में ऐसी सुविधाएं खाली रह सकती थीं। इसी वजह से लागत और भविष्य में बुनियादी ढांचे के इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए अलग मॉडल अपनाया गया है।

भारतीय खेल मंत्रालय ने संभाली कमान

भारतीय खिलाड़ियों की परेशानी को देखते हुए खेल मंत्रालय और भारतीय दल के अधिकारियों ने सहायता के लिए स्थानीय स्तर पर नेटवर्क तैयार किया है। नागोया में मौजूद करीब 2,000 भारतीयों के नेटवर्क का इस्तेमाल खिलाड़ियों की मदद के लिए किया जा रहा है।

एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों की सहायता के लिए प्रतिनिधि तैनात किए गए हैं, जबकि आवास से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

भारतीय दल के शेफ डी मिशन सहदेव यादव के मुताबिक, आयोजकों की ओर से कुछ भारतीय खिलाड़ियों के नाम आवास सूची से हटाए जाने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। भारतीय दल ने अतिरिक्त होटल कमरे बुक कर खिलाड़ियों को ठहराने का इंतजाम किया।

प्रतियोगिता से पहले बढ़ी चिंता

एशियन गेम्स में 45 देशों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और आयोजन के दौरान करीब 17,000 प्रतिभागियों के आवास की व्यवस्था की गई है। ऐसे में आवास, परिवहन और एक्रेडिटेशन से जुड़ी शुरुआती परेशानियां आयोजकों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

भारतीय दल ने फिलहाल प्रभावित खिलाड़ियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। अब नजर इस बात पर है कि एशियन गेम्स के दौरान खिलाड़ियों को आवास और परिवहन से जुड़ी ऐसी समस्याओं का सामना दोबारा न करना पड़े।

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