बिहार के गन्ना किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! राज्य सरकार ने बीज विकास और गन्ना यंत्रीकरण योजनाओं को मंजूरी देते हुए आधुनिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को 80% तक सब्सिडी देने का ऐलान किया है।
बिहार सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बीज विकास योजना और गन्ना यंत्रीकरण योजना को मंजूरी दे दी गई है. इन दोनों योजनाओं के जरिए किसानों को गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज उपलब्ध कराने, आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देने और खेती की लागत कम करने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गन्ने की उत्पादकता बढ़ेगी, चीनी रिकवरी में सुधार होगा और किसानों की आमदनी में भी इजाफा होगा.
बीज विकास योजना से बढ़ेगा उत्पादन
नई बीज विकास योजना के तहत सरकार गन्ना किसानों को अच्छे बीज उत्पादन के लिए आर्थिक सहायता देगी. योजना के अनुसार, सत्यापित गन्ना बीज उत्पादन करने वाले सामान्य वर्ग के किसानों को 260 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान मिलेगा. वहीं अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के किसानों को 310 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता दी जाएगी.
सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध हो, जिससे प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़े और गन्ने की स्तर में सुधार हो. अच्छे बीज से न केवल फसल की उत्पादकता बढ़ती है, बल्कि चीनी मिलों को भी बेहतर रिकवरी वाला गन्ना मिलता है.
आधार बीज उत्पादन पर मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
बीज विकास योजना के तहत आधार बीज उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए किसानों को अधिकतम 70 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता दी जाएगी.
इसके अलावा सरकार ने प्रजनक बीज (Breeder Seed) उत्पादन को भी प्रोत्साहित करने का फैसला किया है. यह कार्य ईख अनुसंधान संस्थान, पूसा और भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के मोतीपुर केंद्र के माध्यम से कराया जाएगा. सरकार इस कार्य के लिए 2.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराएगी.
सरकार का कहना है कि चीनी मिलों, कृषि विज्ञान केंद्रों और प्रगतिशील किसानों की भागीदारी से आधार बीज उत्पादन कार्यक्रम का विस्तार किया जाएगा ताकि राज्यभर में बेहतरीन गन्ना बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके.
सिंगल बड तकनीक अपनाने पर मिलेगा अतिरिक्त लाभ
बिहार सरकार आधुनिक कृषि तकनीकों को भी बढ़ावा दे रही है. इसी कड़ी में सिंगल बड तकनीक अपनाने वाले किसानों को विशेष अनुदान देने का फैसला किया गया है. इस तकनीक की खासियत यह है कि कम बीज में अधिक क्षेत्र की बुवाई संभव होती है. इससे बीज की लागत कम होती है और पौधों की वृद्धि भी बेहतर होती है. इस तकनीक को अपनाने वाले किसानों को अधिकतम 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तक विशेष अनुदान मिलेगा. साथ ही सत्यापित बीज को भी प्रमाणित बीज के बराबर अनुदान का लाभ दिया जाएगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में किसान इस तकनीक को अपनाते हैं तो गन्ना उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है.
गन्ना यंत्रीकरण योजना को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने गन्ना यंत्रीकरण योजना को भी स्वीकृति दे दी है. इस योजना का उद्देश्य खेती में आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की मेहनत और लागत दोनों कम हो सकें. योजना के तहत खेत की तैयारी, गन्ने की रोपाई, फसल प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट नियंत्रण और कटाई तक उपयोग होने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा. सरकार ने वर्ष 2026-27 के दौरान 3,218 कृषि यंत्रों के वितरण का लक्ष्य तय किया है.
80 यंत्र बैंक भी किए जाएंगे स्थापित
गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत राज्य में 80 कृषि यंत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे. इन यंत्र बैंकों का सबसे बड़ा फायदा छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा, जो महंगे कृषि यंत्र खरीदने में सक्षम नहीं होते. ऐसे किसान जरूरत पड़ने पर इन यंत्रों को किराये पर लेकर खेती कर सकेंगे.सरकार का मानना है कि इससे खेती की लागत घटेगी, समय की बचत होगी और आधुनिक तकनीक का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचेगा.
कृषि यंत्रों पर मिलेगी 80 प्रतिशत तक सब्सिडी
सरकार ने कृषि यंत्रों की खरीद पर आकर्षक सब्सिडी देने का भी फैसला किया है.
योजना के तहत—
- सामान्य वर्ग के किसानों को अधिसूचित कृषि यंत्रों पर 40 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा.
- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी.
- फसल अवशेष प्रबंधन (Crop Residue Management) से जुड़े कृषि यंत्रों पर 75 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा.
- बीज उपचार यंत्रों पर किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी.
इसके अलावा कृषि यंत्र बैंक स्थापित करने के लिए सरकार अधिकतम 8 लाख रुपये तक की सहायता भी उपलब्ध कराएगी.
ऑनलाइन आवेदन से मिलेगा लाभ
दोनों योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रखी गई है.
- बीज विकास योजना के लिए किसान केन केयर (Cane Care) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.
- गन्ना यंत्रीकरण योजना के लिए आवेदन कृषि विभाग के डीबीटी (DBT) पोर्टल पर करना होगा.
आवेदन के बाद संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन किया जाएगा. सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से अनुदान की राशि सीधे भेज दी जाएगी.
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम
बिहार सरकार का कहना है कि इन दोनों योजनाओं का उद्देश्य केवल अनुदान देना नहीं, बल्कि गन्ना खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना है. आधुनिक कृषि यंत्र और नई तकनीकों के उपयोग से किसानों की उत्पादन लागत कम होगी और प्रति हेक्टेयर उपज बढ़ेगी.
इसके साथ ही राज्य की चीनी मिलों को बेहतर गन्ना उपलब्ध होगा, जिससे चीनी रिकवरी में सुधार आएगा और पूरे गन्ना उद्योग को मजबूती मिलेगी. सरकार को उम्मीद है कि इन योजनाओं से बिहार के गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी.


