सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL अब अपने यूजर्स के लिए CNAP (कॉलर नेम प्रेजेंटेशन) सर्विस लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने इस तकनीक का सॉल्यूशन पहले ही डिप्लॉय कर दिया है और फिलहाल इसे अलग-अलग जोन में इंटीग्रेट किया जा रहा है।
जल्द होगा पूरा रोलआउट
इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटीग्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 से 4 महीने के भीतर यह सर्विस देशभर में लॉन्च कर दी जाएगी। इससे BSNL यूजर्स को कॉलिंग अनुभव में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
कैसे काम करेगी CNAP सर्विस
इस सर्विस के जरिए यूजर्स को किसी भी कॉल के साथ कॉलर का नाम दिखाई देगा, चाहे वह नंबर फोन में सेव न हो। यानी अब अनजान नंबर से आने वाली कॉल की पहचान करना आसान हो जाएगा।
Truecaller से अलग क्या है खास?
CNAP सर्विस काफी हद तक Truecaller जैसी है, लेकिन इसमें एक बड़ा अंतर है। यह नाम KYC (Know Your Customer) के दौरान टेलीकॉम कंपनियों के पास मौजूद आधिकारिक रिकॉर्ड से लिया जाएगा। इसलिए इसमें दिखने वाला नाम ज्यादा सटीक और विश्वसनीय होगा, जबकि थर्ड-पार्टी ऐप्स में कभी-कभी गलत जानकारी भी सामने आ सकती है।
स्पैम और फ्रॉड पर लगेगी लगाम
स्पैम कॉल और ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। CNAP सर्विस के जरिए यूजर्स को कॉल करने वाले की सही पहचान मिलेगी, जिससे धोखाधड़ी और स्कैम के मामलों को कम करने में मदद मिल सकती है।









