चंडीगढ़: सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर चंडीगढ़ में कौमी इंसाफ मोर्चा के बैनर तले चल रहा प्रदर्शन शनिवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने राजभवन की ओर बढ़ने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।
प्रदर्शन में अलग-अलग समुदायों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग सिख कैदियों की रिहाई और लंबे समय से जेल में बंद कैदियों को राहत देने की है।
राजभवन की ओर बढ़ रहे थे प्रदर्शनकारी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारी राजभवन का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस के गोले भी दागे गए।
मौके पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है कि बैरिकेडिंग तोड़ने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने पर कार्रवाई की जाएगी।
सिमरनजीत सिंह मान को हिरासत में लिया गया
प्रदर्शन के दौरान शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रमुख और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान भी राजभवन के पास पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
बताया गया कि मान और उनके कुछ समर्थक खुद को घायल दिखाने के लिए चेहरे पर मेडिकल पट्टियां बांधकर कार से राजभवन की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें पहचान लिया और हिरासत में ले लिया।
‘हम तीन साल से ज्यादा समय से शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हैं’
प्रदर्शन के बीच जगतार सिंह हवारा के पिता बापू गुरचरण सिंह ने कहा कि उनका आंदोलन लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार से न्याय की मांग की जा रही है और उनका मकसद किसी तरह का विवाद पैदा करना नहीं है। उन्होंने हिरासत में लिए गए सिख कैदियों की रिहाई की मांग की।
उन्होंने यह भी मांग की कि जिन कैदियों की माताएं बीमार हैं, उन्हें अपनी मां से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल दी जाए।
भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए राजभवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की है और अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। वहीं प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं और सिख कैदियों की रिहाई के लिए आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।