पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर सियासत गरमा गई है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से एक सभा में नशे को लेकर सवाल करने वाले बुजुर्ग गुलजार सिंह की सल्फास की गोलियां खाने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद कांग्रेस और बीजेपी ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की मांग की। इसके जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राहुल गांधी पर पलटवार किया।
CM भगवंत मान बोले- ‘लाशों पर राजनीति न करें’
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “राहुल गांधी जी, लाशों ऊपर राजनीति ना करो, पंजाबी इस तरह की राजनीति को पसंद नहीं करते।” मान ने दावा किया कि मामले में सभी आरोपियों को परिवार की निशानदेही पर पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा फैलाने के लिए पिछली अकाली, बीजेपी और कांग्रेस सरकारें जिम्मेदार रही हैं। CM मान ने कहा, “मेरी सरकार में किसी भी नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।”
केजरीवाल ने भी राहुल गांधी को घेरा
अरविंद केजरीवाल ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ सरकार निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या के लिए कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी की पिछली सरकारें जिम्मेदार रही हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर गुलजार सिंह की मौत को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों के बीच कथित झड़प का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया और दावा किया कि ग्रामीणों ने कांग्रेस नेताओं का विरोध किया।
राहुल गांधी ने AAP सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार से नशे के कारोबार को लेकर सवाल पूछने पर गुलजार सिंह को कथित तौर पर प्रताड़ित और अपमानित किया गया।
राहुल गांधी ने लिखा कि “पंजाब की AAP सरकार में एक खतरनाक पैटर्न दिख रहा है- सरकारी नाकामी पर सवाल करोगे, तो जवाब धमकी और torture से मिलेगा।” उन्होंने दावा किया कि गुलजार सिंह ने अपने बेटे के नशे की लत को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल किया था। राहुल गांधी के मुताबिक, इसके बाद उन पर माफी मांगने के लिए दबाव बनाया गया और उन्होंने जहर खा लिया।
नशे के मुद्दे पर आमने-सामने सरकार और विपक्ष
गुलजार सिंह की मौत के बाद पंजाब में नशे का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस जहां AAP सरकार को नशे पर नियंत्रण में विफल बता रही है, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल पिछली सरकारों पर पंजाब में नशे की समस्या बढ़ाने का आरोप लगा रहे हैं। अब इस मामले में सामने आ रहे आरोपों और गुलजार सिंह की मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच पर सबकी नजर है।