गुरुग्राम पुलिस के कामकाज को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। कई मामलों में यह देखने को मिला है कि पुलिस के पास अपराधियों के खिलाफ पुख्ता सबूत और दस्तावेज मौजूद होते हैं, फिर भी आरोपियों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई करने से बचा जाता है या फिर इसमें काफी लंबी देरी की जाती है।
अपराधियों के खिलाफ ठोस सबूत होने के बावजूद समय पर गिरफ्तारी या सख्त कदम न उठाए जाने से आम जनता और पीड़ितों में निराशा का माहौल बन जाता है। इस तरह की लेट-लतीफी के कारण अक्सर मामलों में न्याय मिलने की प्रक्रिया लंबी हो जाती है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगना स्वाभाविक है।