दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत उनके परिवार के सदस्यों को नोटिस जारी किया गया है। केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और माता-पिता गोबिंद राम केजरीवाल व गीता देवी को नोटिस मिला है।
क्यों जारी हुआ नोटिस?
दिल्ली के निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के एन्यूमरेशन फॉर्म में पिछली SIR की वोटर लिस्ट से लिंक करने के लिए जरूरी जानकारी पूरी नहीं थी। इसी वजह से उन्हें ‘Unmapped with Last SIR’ श्रेणी में रखा गया और नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि केजरीवाल या उनके परिवार के सदस्य वोट देने के लिए अयोग्य हो गए हैं। उन्हें जरूरी दस्तावेज और जवाब देकर अपनी जानकारी का सत्यापन कराने का मौका दिया गया है।
110 मतदाताओं को मिला नोटिस
केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्य नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के एक हिस्से में नोटिस पाने वाले 110 मतदाताओं में शामिल हैं। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे मतदाताओं की जानकारी पिछली SIR सूची से मैच नहीं हो पाई थी। पूरे दिल्ली में SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आई हैं। दिल्ली चुनाव कार्यालय के अनुसार, 31,63,930 नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
AAP ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
केजरीवाल और उनके परिवार को नोटिस मिलने के बाद आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पार्टी ने पूछा कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के नाम पिछली SIR सूची से कैसे मैच नहीं हो पाए। AAP ने इस कार्रवाई को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं। हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि केजरीवाल और उनके परिवार के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अभी भी मौजूद हैं और नोटिस नियमित सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा है।
कई अन्य नेताओं को भी नोटिस
यह नोटिस केवल केजरीवाल और उनके परिवार तक सीमित नहीं है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई अन्य राजनीतिक नेताओं और मतदाताओं के रिकॉर्ड में भी विसंगतियां पाई गई हैं। रेखा गुप्ता को उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में उम्र से जुड़ी विसंगति के कारण नोटिस दिया गया था। बाद में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की ओर से दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उनकी एंट्री को वैध कर दिया गया।
SIR के बाद क्या होगा?
जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी रिकॉर्ड की जांच करेंगे और पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।