ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को अमंगलकारी और क्रोध का कारक माना जाता है। अमूमन लोगों का मानना होता है कि मंगल की स्थिति हमेशा जीवन में परेशानियां ही लाती है। हालांकि, लाल किताब के जानकारों का नजरिया इससे थोड़ा अलग है। लाल किताब के अनुसार, मंगल सिर्फ नुकसान ही नहीं पहुंचाता, बल्कि सही स्थिति होने पर यह व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह से संवार भी सकता है।
लाल किताब में मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम और भूमि का कारक माना गया है। यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल सकारात्मक स्थिति में हो, तो उसे करियर, व्यापार और जीवन के हर क्षेत्र में जबरदस्त सफलता मिलती है। ऐसा व्यक्ति निडर होता है और कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना आसानी से कर लेता है।
इसके विपरीत, मंगल के अशुभ होने पर जीवन में संघर्ष बढ़ जाते हैं। हालांकि, लाल किताब में इसके कई ऐसे अचूक उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर मंगल के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है और इसके सकारात्मक फलों को प्राप्त किया जा सकता है। नियमित जीवनशैली और कुछ सरल नियमों का पालन करके मंगल को अनुकूल बनाया जा सकता है।