लाल किताब के अनुसार मंगल ग्रह कब और कैसे संवारता है जीवन, जानिए खास बातें

ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को अमंगलकारी माना जाता है, लेकिन लाल किताब के अनुसार यह हमेशा नुकसान नहीं पहुंचाता। जानिए मंगल कब और कैसे जीवन को संवार सकता है।

ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को अमंगलकारी और क्रोध का कारक माना जाता है। अमूमन लोगों का मानना होता है कि मंगल की स्थिति हमेशा जीवन में परेशानियां ही लाती है। हालांकि, लाल किताब के जानकारों का नजरिया इससे थोड़ा अलग है। लाल किताब के अनुसार, मंगल सिर्फ नुकसान ही नहीं पहुंचाता, बल्कि सही स्थिति होने पर यह व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह से संवार भी सकता है।

लाल किताब में मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम और भूमि का कारक माना गया है। यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल सकारात्मक स्थिति में हो, तो उसे करियर, व्यापार और जीवन के हर क्षेत्र में जबरदस्त सफलता मिलती है। ऐसा व्यक्ति निडर होता है और कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना आसानी से कर लेता है।

इसके विपरीत, मंगल के अशुभ होने पर जीवन में संघर्ष बढ़ जाते हैं। हालांकि, लाल किताब में इसके कई ऐसे अचूक उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर मंगल के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है और इसके सकारात्मक फलों को प्राप्त किया जा सकता है। नियमित जीवनशैली और कुछ सरल नियमों का पालन करके मंगल को अनुकूल बनाया जा सकता है।

संबंधित खबरें

UP Encounter: कौन था 30 लाख का इनामी नक्सली ब्रिजेश गंझू, जो मुठभेड़ में हुआ ढेर?

Asian Games: भारत की झोली में आया दूसरा मेडल, शूटिंग में एलावेनिल वलारिन ने जीता सिल्वर

भगवान को भोग लगाने के बाद तुरंत क्यों नहीं खाना चाहिए प्रसाद? जानें क्या है धार्मिक नियम

IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामला: क्या परिसर में जातिगत भेदभाव था वजह?

एशियन गेम्स: बांग्लादेश को रौंदकर भारत ने फाइनल में पक्का किया मेडल

Recommended Stories

UP Encounter: कौन था 30 लाख का इनामी नक्सली ब्रिजेश गंझू, जो मुठभेड़ में हुआ ढेर?

Asian Games: भारत की झोली में आया दूसरा मेडल, शूटिंग में एलावेनिल वलारिन ने जीता सिल्वर

भगवान को भोग लगाने के बाद तुरंत क्यों नहीं खाना चाहिए प्रसाद? जानें क्या है धार्मिक नियम

IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामला: क्या परिसर में जातिगत भेदभाव था वजह?

एशियन गेम्स: बांग्लादेश को रौंदकर भारत ने फाइनल में पक्का किया मेडल