ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारत के शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। युद्ध की स्थिति ने निवेशकों के बीच डर और अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसके चलते बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,800 अंकों से अधिक टूटकर 72,784 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी फिसलकर 22,538 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट बाजार के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, खासकर तब जब निवेशकों को पहले से ही वैश्विक हालात को लेकर चिंता थी।
निवेशकों को भारी नुकसान
तेज बिकवाली के कारण बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में लगभग 13 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट आई। इससे कुल मार्केट कैप घटकर करीब 418 लाख करोड़ रुपये रह गया। यह नुकसान निवेशकों की घटती धारणा और बढ़ती अनिश्चितता को दर्शाता है।
युद्ध और कमजोर रुपया बना बड़ी वजह
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य-पूर्व में बढ़ता युद्ध तनाव है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता ने भी निवेशकों का भरोसा डगमगाया है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर और दबाव बना दिया।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात स्थिर नहीं होते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।









