मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। Donald Trump के लगातार बदलते बयानों के बीच उन्होंने कहा है कि अमेरिका 2 से 3 सप्ताह में ईरान पर अपने सैन्य ऑपरेशन खत्म कर सकता है। वहीं, ईरान साफ कह चुका है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है और अगर हमले जारी रहे तो जवाब और ज्यादा कड़ा होगा और ये जंग अमेरिका ने शुरू की खत्म हम करेंगे।
तेल के बाद अब इंटरनेट संकट की आशंका
इस संघर्ष का असर अब सिर्फ तेल तक सीमित नहीं रह गया है। Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव के कारण एक नए संकट की आशंका सामने आ रही है इंटरनेट बाधित होने का खतरा। यह रूट दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल और 25% LNG सप्लाई के साथ-साथ अहम इंटरनेट केबल्स का भी मार्ग है।
समुद्र के नीचे छिपा है इंटरनेट नेटवर्क
अक्सर माना जाता है कि इंटरनेट सैटेलाइट से चलता है, लेकिन हकीकत यह है कि दुनिया का करीब 95 से 97% डेटा समुद्र के नीचे बिछी फाइबर ऑप्टिक केबल्स से ट्रांसफर होता है। भारत को यूरोप, अफ्रीका और पश्चिम एशिया से जोड़ने वाली कई प्रमुख केबल्स इसी क्षेत्र से गुजरती हैं, जो इसे डिजिटल रूप से बेहद संवेदनशील बनाती हैं।
भारत के लिए क्यों बढ़ा खतरा
भारत की डिजिटल इकोनॉमी काफी हद तक इन समुद्री रूट्स पर निर्भर है। अगर केबल्स को नुकसान होता है, तो इंटरनेट ट्रैफिक को लंबा रास्ता अपनाना पड़ेगा। इससे डेटा की गति धीमी होगी और वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन मीटिंग और क्लाउड सर्विसेज पर असर साफ दिखाई देगा।
IT सेक्टर पर पड़ सकता है बड़ा असर
भारत का IT और आउटसोर्सिंग सेक्टर करीब 250 बिलियन डॉलर का है, जो तेज और स्थिर इंटरनेट कनेक्टिविटी पर निर्भर करता है। अगर नेटवर्क प्रभावित होता है, तो कंपनियों को भारी नुकसान, SLA ब्रेक और पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है।
क्या पूरी तरह बंद हो सकता है इंटरनेट?
इंटरनेट का सिस्टम इस तरह डिजाइन किया गया है कि एक रास्ता बंद होने पर डेटा दूसरे रास्तों से भेजा जाता है। इसलिए पूरी तरह इंटरनेट बंद होने की संभावना कम है, लेकिन स्पीड में भारी गिरावट और लेटेंसी बढ़ने का खतरा बना रहेगा।
समाधान की तलाश में दुनिया
इस खतरे को देखते हुए भारत और अन्य देश वैकल्पिक नेटवर्क पर निवेश कर रहे हैं। Elon Musk की Starlink जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं बैकअप के तौर पर उभर रही हैं। भविष्य में ऐसे नए केबल रूट्स बनाए जा रहे हैं जो संवेदनशील क्षेत्रों को बायपास कर सकें।








