UNGA में पाकिस्तान को जवाब देने वाली पेटल गहलोत कौन हैं? जानें शिक्षा, करियर और जिम्मेदारी

UNGA में पाकिस्तान के बयान पर भारत की ओर से जवाब देने वाली पेटल गहलोत चर्चा में हैं। जानें उनकी शिक्षा, राजनयिक करियर और UN में निभाई जा रही जिम्मेदारी।
पेटल गहलोत
पेटल गहलोत

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण के बाद भारत की ओर से दिए गए जवाब में एक बार फिर पेटल गहलोत का नाम चर्चा में है। भारत की ओर से राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए गहलोत ने जम्मू-कश्मीर, आतंकवाद और पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि ऐसे आतंकवाद के खिलाफ भारत अपने बचाव का अधिकार इस्तेमाल करता रहेगा। लेकिन UNGA में पाकिस्तान को जवाब देने वाली पेटल गहलोत आखिर कौन हैं? आइए जानते हैं उनके राजनयिक करियर और संयुक्त राष्ट्र में उनकी भूमिका के बारे में।

कौन हैं पेटल गहलोत?

पेटल गहलोत भारतीय विदेश सेवा (IFS) की अधिकारी हैं और न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। वह जुलाई 2023 में भारत के UN मिशन से जुड़ी थीं। इससे पहले वह विदेश मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी के तौर पर काम कर चुकी हैं। संयुक्त राष्ट्र में उनकी जिम्मेदारियां केवल भारत-पाकिस्तान से जुड़े मामलों तक सीमित नहीं हैं। उनके काम के दायरे में विकास वित्त, ऊर्जा, पानी, स्वच्छता और सतत विकास जैसे बहुपक्षीय मुद्दे भी शामिल रहे हैं।

UNGA में शहबाज शरीफ को दिया जवाब

26 सितंबर 2026 को पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के UNGA भाषण के बाद भारत की ओर से राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल किया। शरीफ ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर और भारत-पाकिस्तान से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे। इसके जवाब में गहलोत ने भारत का पक्ष रखते हुए जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के दावों को खारिज किया और सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद का पाकिस्तान से जुड़ा एक लंबे समय से चला आ रहा संदर्भ है और भारत आतंकवाद से अपनी रक्षा के अधिकार का इस्तेमाल जारी रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद के ऐसे मामलों के परिणाम होंगे।

पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था पर भी टिप्पणी

गहलोत ने अपने जवाब में पाकिस्तान में लोकतंत्र और मानवाधिकारों से जुड़े दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था में सेना की भूमिका को लेकर टिप्पणी की और कहा कि वहां सत्ता के वास्तविक नियंत्रण को लेकर सवाल उठते रहे हैं। यह टिप्पणी भारत की ओर से दिए गए उनके आधिकारिक जवाब का हिस्सा थी।

उन्होंने पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया और पाकिस्तान के मानवाधिकार संबंधी दावों पर सवाल उठाए।

ओसामा बिन लादेन का भी किया जिक्र

पेटल गहलोत ने अपने जवाब में 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों और ओसामा बिन लादेन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 9/11 हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी पाकिस्तान में रही थी और इसी संदर्भ को पाकिस्तान की ओर से सुरक्षा और आतंकवाद पर दिए जा रहे बयानों के साथ देखने की जरूरत है।

पहले भी पाकिस्तान को दे चुकी हैं जवाब

पेटल गहलोत का UN में पाकिस्तान को जवाब देने का यह पहला मामला नहीं है। 2025 में भी उन्होंने शहबाज शरीफ के UNGA भाषण के बाद भारत की ओर से राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल किया था। उस समय उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और आतंकवादी संगठनों को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाया था। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में भी भारत का पक्ष रखा था।

विदेश मंत्रालय में भी संभाली जिम्मेदारी

UN मिशन में आने से पहले गहलोत भारत के विदेश मंत्रालय में यूरोप वेस्ट डिविजन से जुड़ी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने जून 2020 से जुलाई 2023 तक विदेश मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी के तौर पर काम किया। इससे पहले वह पेरिस और सैन फ्रांसिस्को में भारतीय मिशनों से भी जुड़ी रही हैं।

UN में भारत का पक्ष रखने वाली प्रमुख आवाज

पेटल गहलोत की मौजूदा भूमिका में कई बहुपक्षीय विषय शामिल हैं, लेकिन पाकिस्तान से जुड़े मामलों पर संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर से दिए गए उनके जवाबों ने उन्हें सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है। 2026 के ताजा UNGA जवाब में उन्होंने जम्मू-कश्मीर पर भारत की स्थिति दोहराने के साथ आतंकवाद, पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे उठाए। वहीं पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों को भारत ने खारिज किया है और अपने जवाब में अपना पक्ष रखा है।

संबंधित खबरें

भारत की पहली LNG ट्रेन 27 सितंबर से दौड़ेगी, डीजल की खपत 40% तक घटेगी, जानें फायदे

UCC पर यूपी में रणनीति? 2027 से पहले कानून या चुनाव के बाद फैसला?

ममता बनर्जी की रैली में जा रहे TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला

SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, दिल्ली-महाराष्ट्र में बढ़ी डेडलाइन, वोटर्स के लिए भी बदले नियम

CEC ज्ञानेश कुमार समेत तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक, विवाद के बीच ECI ने दिया बड़ा अपडेट

Recommended Stories

भारत की पहली LNG ट्रेन 27 सितंबर से दौड़ेगी, डीजल की खपत 40% तक घटेगी, जानें फायदे

UCC पर यूपी में रणनीति? 2027 से पहले कानून या चुनाव के बाद फैसला?

ममता बनर्जी की रैली में जा रहे TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला

SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, दिल्ली-महाराष्ट्र में बढ़ी डेडलाइन, वोटर्स के लिए भी बदले नियम

CEC ज्ञानेश कुमार समेत तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक, विवाद के बीच ECI ने दिया बड़ा अपडेट