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प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में महिलाओं की नई पहल, ई-रिक्शा चलाकर बन रहीं आत्मनिर्भ

वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में शुरू हुई इस पहल ने ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मविश्वास का नया रास्ता खोल दिया है।

लोक समिति से जुड़ी सीता, शारदा, अनीता और सुमन जैसी महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बच्चों को शिक्षित करने के उद्देश्य से ई-रिक्शा चला रही हैं। इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और हौसले के दम पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं।

आराजी लाइन क्षेत्र की सीता, शारदा, अनीता और सुमन ने ई-रिक्शा चालक बनकर न केवल अपने परिवार का सहारा बनने का संकल्प लिया है, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। इस निर्णय में उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।

पिलोरी गांव की शारदा का कहना है कि वह चाहती हैं कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर बड़े अधिकारी बनें। इसी उद्देश्य से उन्होंने ई-रिक्शा चलाने का काम शुरू किया है और अपनी आय का बड़ा हिस्सा बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करने का निर्णय लिया है।

वहीं बेनीपुर गांव की अनीता ने बताया कि घर की आर्थिक तंगी के कारण वह काफी परेशान थीं, लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने ई-रिक्शा चलाने का फैसला लिया। शुरुआत में उन्हें गाड़ी चलाने में डर लगता था, लेकिन अब वह आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चला रही हैं।

हरसोस गांव की सीता ने बताया कि आंगनवाड़ी के बच्चों तक गाड़ी से भोजन पहुंचाने का कार्य उन्हें बेहद अच्छा लगता है। उनकी इस पहल से गांव की अन्य महिलाएं भी ई-रिक्शा चलाने के लिए प्रेरित हो रही हैं।

लोक समिति के संयोजक नंदलाल मास्टर ने बताया कि नागेपुर स्थित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम में कार्यरत संस्था लोक समिति को Feeding India की ओर से चार नए ई-रिक्शा उपहार स्वरूप प्राप्त हुए हैं। इन ई-रिक्शों के माध्यम से जनता रसोई घर में कार्यरत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बेनीपुर और कुरौना सेक्टर के 11 गांवों के 78 आंगनबाड़ी केंद्रों तक प्रतिदिन लगभग 2000 बच्चों के लिए नाश्ता और भोजन पहुंचा रही हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ माह पहले अजीत सिंह लोक समिति आश्रम नागेपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित कम्यूनिटी किचन के कार्यों की सराहना की थी और महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।

इसके बाद आशा ट्रस्ट और लोक समिति के सहयोग से महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण दिया गया। ग्रामीण क्षेत्र में पहली बार स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ई-रिक्शा चलाकर आंगनबाड़ी के बच्चों तक भोजन पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। महिलाओं ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में सहयोग के लिए फीडिंग इंडिया का आभार भी व्यक्त किया।

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