अन्नदाताओं के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) को सात साल पूरे हो गए हैं। इस योजना के तहत किसानों को बुढ़ापे में आर्थिक सहायता के रूप में पेंशन दी जाती है। देश के जिन राज्यों में कृषि से जुड़े लोगों की संख्या सबसे अधिक है, वहां इस महत्वकांक्षी योजना की क्या स्थिति है, इसे लेकर आंकड़े सामने आए हैं।
इस योजना के तहत पात्र किसानों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद हर महीने 3,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन मिलने का प्रावधान है। योजना का लाभ उठाने के लिए 18 से 40 वर्ष की आयु के किसानों को हर महीने एक निश्चित अंशदान देना होता है, उतना ही योगदान सरकार द्वारा भी किया जाता है।
देश के जिन राज्यों में किसानों की आबादी सबसे ज्यादा है, वहां इस योजना को लेकर किसानों की भागीदारी अलग-अलग देखने को मिली है। हालांकि, कई बड़े राज्यों में अभी भी लक्षित संख्या के मुकाबले पंजीकरण बढ़ाने की जरूरत है ताकि अधिक से अधिक अन्नदाता इस पेंशन योजना का लाभ उठा सकें।