प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में कहा कि दुनिया अभी भी संघर्ष और युद्ध जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। कोविड के बाद उम्मीद थी कि वैश्विक प्रगति तेज होगी, लेकिन हालात लगातार अस्थिर बने हुए हैं। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस कठिन समय में सभी को मिलकर इन चुनौतियों का सामना करना होगा।
ऊर्जा संकट पर भारत की तैयारी को लेकर पीएम मोदी की बातें
पीएम मोदी ने कहा कि जिस क्षेत्र में युद्ध चल रहा है, वह दुनिया की ऊर्जा जरूरतों का प्रमुख केंद्र है। इसके कारण पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है। लेकिन भारत अपने वैश्विक संबंधों और मजबूत आर्थिक क्षमता के कारण इस स्थिति का मजबूती से सामना कर रहा है।
अफवाहों से दूर रहने की पीएम मोदी ने दी सलाह
प्रधानमंत्री ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और कहा कि ऐसी गलत जानकारियां देश को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए और इस मुद्दे पर राजनीति से बचना जरूरी है।
योग और फिटनेस पर भी पीएम मोदी ने दिया जोर
पीएम मोदी ने स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर भी देशवासियों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस करीब है और पूरी दुनिया में योग के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है।
युवा शक्ति बनेगी देश की ताकत- PM Modi Mann Ki baat
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवा राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने MY Bharat के ‘Budget Quest’ का उदाहरण देते हुए बताया कि लाखों युवाओं ने इसमें भाग लेकर नीति निर्माण में रुचि दिखाई।
युवाओं के विचारों की पीएम मोदी ने की सराहना
पीएम मोदी ने युवाओं के विभिन्न सुझावों का जिक्र किया, जिनमें कृषि सुधार, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने जैसे मुद्दे शामिल थे।
खेलों में भारत की उपलब्धियों का भी पीएम ने किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने भारतीय क्रिकेट टीम की T20 वर्ल्ड कप जीत और जम्मू-कश्मीर की रणजी ट्रॉफी जीत पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने इसे खिलाड़ियों की मेहनत और देश के बढ़ते खेल संस्कृति का प्रतीक बताया।
जल संरक्षण पर पीएम मोदी ने दिया विशेष जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से जल संरक्षण को लेकर जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है और यह समय जल संरक्षण के संकल्प को दोहराने का है। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में ‘जल संचय अभियान’ ने देशभर में लोगों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया है। इस अभियान के तहत करीब 50 लाख कृत्रिम जल संचयन संरचना बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा की अब गांव-गांव में सामुदायिक स्तर पर जल संकट से निपटने के प्रयास शुरू हो गए हैं। कई स्थानों पर पुराने तालाबों की सफाई की जा रही है और बरसात के पानी को सहेजने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अमृत सरोवर अभियान के तहत देशभर में लगभग 70 हजार अमृत सरोवर बनाए गए हैं। बारिश का मौसम आने से पहले इन सरोवरों की साफ-सफाई भी शुरू हो गई है, जिससे जल संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि त्रिपुरा की जंपुई पहाड़ियों में स्थित वांगमुन गाँव 3000 फीट की ऊंचाई पर बसा है और कभी पानी की गंभीर कमी से जूझ रहा था। गर्मियों में गाँव के लोग पानी के लिए लंबी दूरी तय करते थे।प्रधानमंत्री ने बताया कि गाँव वालों ने बारिश के पानी को सहेजने का संकल्प लिया। आज लगभग हर घर में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित हो गया है और यह गाँव अब जल संरक्षण की प्रेरक मिसाल बन चुका है। मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में किसानों ने छोटे रिचार्ज तालाब और सोखता गड्ढे बनाकर बारिश के पानी को खेतों में संरक्षित किया। इससे पानी धीरे-धीरे जमीन के अंदर चला गया। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज इस मॉडल को 1200 से अधिक किसान अपना चुके हैं और क्षेत्र का ग्राउंड वॉटर लेवल काफी बेहतर हो गया है। प्रधानमंत्री ने तेलंगाना के मंचेरियाल जिले के मुधिगुंटा गाँव का उदाहरण भी साझा किया। गाँव के 400 परिवारों ने अपने घरों में सोख गड्ढे बनाए और पानी संरक्षण का एक जन-आंदोलन खड़ा किया।
इस तरह ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने वैश्विक चुनौतियों के बीच देशवासियों को एकजुट रहने, अफवाहों से बचने और विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।








