Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

प्रयागराज में IOC पाइपलाइन पर चला प्रशासन का बुलडोजर: हड़कंप और विरोध!

प्रयागराज में तेल पाइपलाइन पर चला बुलडोजर

प्रयागराज में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) की तेल पाइपलाइन पर बने अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन ने हाल ही में एक बड़ा अभियान चलाया है। इस कार्रवाई में दर्जनों अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। हालांकि, शास्त्री नगर में विरोध के चलते अभियान को बीच में रोकना पड़ा, और अब सबकी निगाहें आगे की रणनीति पर टिकी हैं।

जिला प्रशासन के निर्देश पर, नगर निगम और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की संयुक्त टीम ने करेली और सदियापुर जैसे क्षेत्रों में 35 से अधिक अवैध निर्माणों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया। अपर नगर आयुक्त अरविंद कुमार राय के नेतृत्व में यह अभियान सबसे पहले करेली में शहनाई गेस्ट हाउस के पास से शुरू हुआ, जहाँ तेल पाइपलाइन पर चल रही कई डेयरियों और टीन शेड वाले कब्जों को हटाया गया। इसके बाद टीम सदियापुर पहुँची, जहाँ एक दर्जन से अधिक बाउंड्रीवाल तोड़ी गईं और कई मकानों के भीतर से तेल पाइपलाइन गुजरती मिली।

अभियान के दौरान, शास्त्री नगर में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। भवन स्वामियों ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से एनओसी मिलने और कुछ ने मामला न्यायालय में लंबित होने का दावा किया। इसके अतिरिक्त, कई लोगों ने पाइपलाइन बिछाने के एवज में मुआवजा न मिलने का आरोप भी लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, महापौर गणेश केसरवानी ने हस्तक्षेप किया और अधिकारियों को कागजात की जांच कर विवाद सुलझाने के निर्देश दिए। इस पर, शास्त्री नगर में फिलहाल कार्रवाई रोक दी गई है और आईओसी अधिकारियों से भवन स्वामियों के साथ बैठक कर समाधान निकालने को कहा गया है।

नगर निगम के प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल दिनेश तंवर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों के बीच वार्ता के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जहाँ विरोध हुआ, वहाँ पाइपलाइन के ऊपर बड़े पक्के मकान बने हुए हैं। प्रशासन की इस पहल के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि कागजी जांच और आगे की वार्ता के बाद यह अभियान कब और किस तरह से फिर से शुरू होगा।

प्रयागराज में अवैध निर्माणों पर प्रशासन का यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन शास्त्री नगर में उपजे विवाद का समाधान और मुआवजे संबंधी शिकायतों का निपटारा ही इस पूरी प्रक्रिया की सफलता तय करेगा।