इटावा: यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC को लेकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने सवाल उठाया है। इटावा में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुस्लिम समुदाय में प्रचलित विवाह संबंधी परंपराओं का उदाहरण देते हुए पूछा कि अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक परंपराओं के बीच समान नागरिक संहिता को किस तरह लागू किया जा सकता है।
UCC को लेकर रामगोपाल यादव ने क्या कहा?
रामगोपाल यादव ने कहा कि मुस्लिम समुदाय में चचेरी बहन से विवाह को स्वीकार किया जाता है। इसी उदाहरण के आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि अगर देश में एक समान कानून लागू किया जाता है तो अलग-अलग समुदायों की विवाह संबंधी परंपराओं का क्या होगा। उनका यह बयान UCC को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इसी संदर्भ में UCC के संभावित implementation पर सवाल उठाया।
बीजेपी पर भी साधा निशाना
रामगोपाल यादव ने इस दौरान बीजेपी और केंद्र की नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे कानून बना रही है जिनसे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
उन्होंने बीजेपी की सभाओं को लेकर भी दावा किया कि उनमें जनता की भागीदारी नहीं हो रही है। ये उनके राजनीतिक दावे हैं और रिपोर्ट में इन्हें उनके बयान के तौर पर दर्ज किया गया है।
चुनाव को लेकर भी दिया बयान
सपा नेता ने अपने बयान में चुनाव को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अगर बीजेपी सत्ता में बनी रही तो भविष्य में चुनाव न कराने की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा उन्होंने सरकार पर झूठी खबरें फैलाकर लोगों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। इन आरोपों के समर्थन में रिपोर्ट में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है, इसलिए इन्हें रामगोपाल यादव के राजनीतिक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
UCC पर क्यों हो रही है बहस?
Uniform Civil Code का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य व्यक्तिगत मामलों से जुड़े नियमों के लिए सभी नागरिकों पर समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है।
भारत में अलग-अलग धार्मिक समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों को लेकर लंबे समय से बहस होती रही है। UCC समर्थक इसे समान नागरिक अधिकारों से जोड़ते हैं, जबकि इसके विरोध में अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक समूह अपनी परंपराओं और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े सवाल उठाते रहे हैं। रामगोपाल यादव का ताजा बयान इसी व्यापक बहस में सामने आया है।
बयान के बाद फिर चर्चा में UCC
रामगोपाल यादव के बयान के बाद UCC को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर चर्चा में है। उनके बयान में विवाह की अलग-अलग सामाजिक और धार्मिक परंपराओं को आधार बनाकर समान कानून लागू करने की व्यवहारिकता पर सवाल उठाया गया है।
हालांकि, किसी समुदाय में किसी विवाह प्रथा की मौजूदगी और पूरे समुदाय के सभी लोगों के व्यवहार को एक जैसा मानना अलग-अलग बातें हैं। भारत में विवाह संबंधी प्रथाओं में क्षेत्र, समुदाय और व्यक्तिगत कानूनों के आधार पर भी विविधता देखने को मिलती है।