राम मंदिर चढ़ावा मामले के बाद ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदल दी है—अब बिना जेब वाली यूनिफॉर्म, डबल सिक्योरिटी चेक और मोबाइल-बैग पर पूरी तरह प्रतिबंध के साथ चढ़ावे की गिनती होगी।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद दान की गिनती (काउंटिंग) की पूरी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने काउंटिंग सिस्टम को पहले से कहीं अधिक सख्त बना दिया है। अब काउंटिंग हॉल में प्रवेश से लेकर चढ़ावे की गिनती तक हर प्रक्रिया नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत होगी, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना खत्म की जा सके।
डबल सिक्योरिटी चेक के बाद ही मिलेगी एंट्री
नई व्यवस्था के तहत चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारियों को अब काउंटिंग हॉल में प्रवेश से पहले दो स्तर की सुरक्षा जांच से गुजरना होगा। हर कर्मचारी की अलग-अलग चरणों में तलाशी ली जाएगी और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही उसे अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। ट्रस्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित सामान या किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु काउंटिंग हॉल तक न ले जा सके।
बिना जेब वाली यूनिफॉर्म पहनना होगा अनिवार्य
सूत्रों के अनुसार अब काउंटिंग कर्मचारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया गया है। सभी कर्मचारियों को बिना किसी जेब (पॉकेट) वाली डार्क ब्लू रंग की विशेष ड्रेस पहननी होगी। जेब न होने से नकदी, आभूषण या अन्य सामान छिपाने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। यह बदलाव सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
कुर्सी-मेज नहीं, जमीन पर बैठकर होगी काउंटिंग
दान की गिनती की प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब कर्मचारी कुर्सी और मेज पर बैठकर नहीं, बल्कि जमीन पर बैठकर चढ़ावे की गिनती करेंगे। माना जा रहा है कि इससे निगरानी करना आसान होगा और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी तरीके से संचालित की जा सकेगी।
मोबाइल, कैमरा और बैग पूरी तरह प्रतिबंधित
नई गाइडलाइन के तहत काउंटिंग हॉल के अंदर मोबाइल फोन, कैमरा, बैग, पर्स और किसी भी प्रकार का निजी सामान ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कर्मचारियों को हॉल में प्रवेश से पहले अपना पूरा निजी सामान बाहर जमा कराना होगा। इसके अलावा जूते और चप्पल भी बाहर उतारकर ही अंदर प्रवेश मिलेगा।
व्यवस्था कार्यकर्ता के पास पर उठे सवाल
इसी बीच चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा को लेकर भी नई जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि उसके नाम पर मंदिर में ‘व्यवस्था कार्यकर्ता’ के रूप में एंट्री पास जारी किया जाता था। आरोप है कि मंदिर के विशेष आयोजनों के दौरान इसी पास के जरिए उसे परिसर में प्रवेश मिलता था और वह चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में भी शामिल होता था। जांच एजेंसियां अब इस पूरी व्यवस्था की भी पड़ताल कर रही हैं कि आखिर उसे किस आधार पर यह अनुमति मिलती थी।
दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग
मामले को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि भगवान के घर में अपराध करने वालों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार मंदिर की आस्था से जुड़े अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अभी जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे प्रकरण की हर कड़ी की पड़ताल कर रही हैं। इसी के साथ ट्रस्ट ने नई सुरक्षा व्यवस्था लागू कर यह स्पष्ट संकेत दिया है कि भविष्य में चढ़ावे की गिनती पूरी पारदर्शिता और सख्त निगरानी के बीच ही की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं के विश्वास को किसी भी तरह की आंच न आए।


