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Sonam Wangchuk Letter: अस्पताल से बदले सुर? धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग छोड़ी, अनशन खत्म करने के लिए रखीं 3 शर्तें

अस्पताल से जारी पत्र में सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए सरकार के सामने तीन शर्तें रखीं, जबकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का जिक्र नहीं किया।
Sonam Wangchuk Letter
Sonam Wangchuk Letter

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच सोनम वांगचुक के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जंतर-मंतर से अस्पताल शिफ्ट किए जाने के बाद वांगचुक ने एक चिट्ठी जारी कर अनशन खत्म करने के संकेत दिए हैं। हालांकि, इसके लिए उन्होंने सरकार और राजनीतिक दलों के सामने तीन शर्तें रखी हैं।

सबसे अहम बात यह है कि उनकी नई चिट्ठी में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पहले की प्रमुख मांग का कहीं भी उल्लेख नहीं है। इसे आंदोलन की रणनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

अनशन खत्म करने के लिए रखीं 3 शर्तें

सोनम वांगचुक ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि वह अनशन समाप्त करने को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए तीन शर्तें पूरी होनी चाहिए।

  • पहली शर्त: केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था की खामियों और NEET पेपर लीक जैसी घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करे।
  • दूसरी शर्त: यदि वह और CJP का नेतृत्व संसद तक पहुंचते हैं, तो सभी राजनीतिक दलों के नेता इस मुद्दे को संसद में उठाने का सार्वजनिक आश्वासन दें।
  • तीसरी शर्त: यदि खराब स्वास्थ्य के कारण वह संसद नहीं पहुंच पाते हैं, तो विभिन्न दलों के नेता अस्पताल आकर उन्हें यही भरोसा दें कि शिक्षा और पेपर लीक का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।

इस्तीफे की मांग गायब

वांगचुक की चिट्ठी में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का कोई जिक्र नहीं किया गया है। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या आंदोलन की प्राथमिकताएं बदल गई हैं या फिर समाधान की दिशा में नई रणनीति अपनाई जा रही है।

आगे क्या होगा?

सोनम वांगचुक की इस चिट्ठी के बाद अब सबकी नजर सरकार और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर टिकी है। यदि उनकी शर्तों पर सहमति बनती है, तो उनका अनशन समाप्त हो सकता है। वहीं, इन शर्तों को लेकर क्या फैसला होता है और आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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