Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

होम

शॉर्ट अपडेट

ब्रेकिंग

लाइव टीवी

मेन्यू

बंगाल पर Supreme Court सख्त क्यों हुआ, क्या लग सकता है राष्ट्रपति शासन?

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पश्चिम बंगाल से जुड़े I-PAC मामले की सुनवाई हुई। यह मामला I-PAC के को-फाउंडर प्रतीक जैन के घर और दफ्तर पर ED की छापेमारी से जुड़ा है। आरोप है कि इस छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रुकावट डाली थी।और रेड को बीच में रुकवाने की कोशिश की गई थी।

ED ने कोर्ट को बताया कि 2700 करोड़ रुपये के कोयला तस्करी मामले की जांच के दौरान 8 जनवरी को कोलकाता में I-PAC के दफ्तर पर छापा मारा गया था। ED का आरोप है कि इस दौरान ममता बनर्जी ने सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करके जांच में रुकावट डाली।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि अगर यह कहा जाए कि किसी राज्य में संवैधानिक व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है, तो इसके बहुत बुरें नतीजे होंगे। इसके आधार पर उस राज्य में राष्ट्रपति शासन भी लगाया जा सकता है।

हालांकि ED की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने साफ किया कि वे ऐसा नहीं कह रहे कि पश्चिम बंगाल में पूरी तरह संवैधानिक व्यवस्था फेल हो गई है। उनका कहना था कि सिर्फ आई-पैक मामले में कानून का उल्लंघन हुआ है।

बुधवार को भी सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर कोई मुख्यमंत्री ED की जांच में दखल देता है तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा।

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। ED ने कोर्ट से मांग की है कि CBI को FIR दर्ज करने और मामले की जांच करने का आदेश दिया जाए।

संबंधित खबरें

मोहन भागवत का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश: क्या संघ प्रमुख ने युवाओं के बहाने सरकार, विपक्ष और पूरे सिस्टम को आईना दिखाया?

कॉकरोच आंदोलन के पीछे बड़ी साजिश? 180 इन्फ्लुएंसर्स के वायरल दावे से गरमाई सियासत, सोशल मीडिया की भूमिका पर उठे सवाल

‘जिंदा चमड़े का सप्लायर’… आरजेडी के भीतर आखिर किस ओर इशारा कर गए भाई वीरेंद्र? तेजस्वी यादव के सामने खड़े हुए कई बड़े सवाल

शेख हसीना के ऐलान से बांग्लादेश में बढ़ी सियासी हलचल, भारत ने दिया ये बयान

12 अगस्त को लॉन्च होगा Google Pixel 11 Pro Fold! लॉन्च से पहले लीक हुआ डिजाइन

Recommended Stories

मोहन भागवत का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश: क्या संघ प्रमुख ने युवाओं के बहाने सरकार, विपक्ष और पूरे सिस्टम को आईना दिखाया?

कॉकरोच आंदोलन के पीछे बड़ी साजिश? 180 इन्फ्लुएंसर्स के वायरल दावे से गरमाई सियासत, सोशल मीडिया की भूमिका पर उठे सवाल

‘जिंदा चमड़े का सप्लायर’… आरजेडी के भीतर आखिर किस ओर इशारा कर गए भाई वीरेंद्र? तेजस्वी यादव के सामने खड़े हुए कई बड़े सवाल

शेख हसीना के ऐलान से बांग्लादेश में बढ़ी सियासी हलचल, भारत ने दिया ये बयान

12 अगस्त को लॉन्च होगा Google Pixel 11 Pro Fold! लॉन्च से पहले लीक हुआ डिजाइन