पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए बागी सांसदों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि 20 में से 17 सांसद दुर्गा पूजा से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस दावे की अभी बीजेपी या संबंधित सांसदों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दुर्गा पूजा से पहले BJP में जाने का दावा
एबीपी न्यूज से बातचीत में बसुनिया ने कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो NCPI के 20 में से 17 सांसद दुर्गा पूजा से पहले बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तीन अल्पसंख्यक सांसद इस समूह में शामिल नहीं होंगे।
बसुनिया के मुताबिक, अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं और वे NDA का समर्थन करेंगे। उनका कहना है कि दोनों के निर्वाचन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक आबादी है, इसलिए उनके लिए सीधे बीजेपी में शामिल होना मुश्किल हो सकता है।
‘बीजेपी ने ही हमें NCPI में शामिल कराया’
बसुनिया ने दावा किया कि बागी सांसदों के NCPI में जाने के पीछे बीजेपी की भूमिका थी। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य बीजेपी में शामिल होना था और अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो आने वाले समय में ज्यादातर सांसद बीजेपी का हिस्सा बन सकते हैं।
इससे पहले जून 2026 में TMC के 20 बागी सांसदों ने NCPI में विलय का ऐलान किया था और NDA को समर्थन देने की बात कही थी। इस कदम के बाद TMC ने इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग की है।
बसुनिया के घर लौटने पर बढ़ा राजनीतिक तनाव
कूचबिहार से सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अपने घर लौटे। उनके पहुंचने के बाद सिताई इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद स्थानीय TMC कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना सामने आई।
बसुनिया के घर के बाहर भी कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, इन घटनाओं की जिम्मेदारी और पूरी परिस्थितियों को लेकर जांच की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
प्रदर्शनकारियों ने बसुनिया पर पिछले 15 वर्षों के दौरान राजनीतिक प्रभाव का कथित रूप से दुरुपयोग कर संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए। उनके खिलाफ राइस मिल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खड़े करने के भी आरोप लगाए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने उनके राजनीतिक सफर पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह पहले फॉरवर्ड ब्लॉक में थे, फिर TMC में आए और अब बीजेपी के करीब जाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
20 बागी सांसदों को लेकर पहले से चल रहा विवाद
TMC के 20 सांसदों के NCPI के साथ जाने के बाद से ही पार्टी में विवाद जारी है। TMC का कहना है कि इन सांसदों ने पार्टी छोड़कर दूसरे राजनीतिक दल के साथ जाने का फैसला किया है, जबकि बागी सांसद इसे वैध विलय बता रहे हैं। मामला अब कानूनी विवाद का भी हिस्सा बन चुका है और सुप्रीम कोर्ट में इसको लेकर याचिका पर सुनवाई चल रही है।