Donald Trump के युद्ध से जुड़े बयान के बाद एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गईं, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।
सेंसेक्स-निफ्टी में धड़ाम
गुरुवार को बाजार खुलते ही BSE Sensex करीब 1500 अंक गिर गया। वहीं Nifty 50 में भी करीब 450 अंक यानी 2% की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,200 के स्तर पर पहुंच गया।
निवेशकों को भारी नुकसान
बाजार खुलने के एक मिनट के भीतर ही निवेशकों को लगभग 11 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बीएसई का कुल मार्केट कैप जो पहले 422 लाख करोड़ रुपये था, वह गिरकर करीब 412 लाख करोड़ रुपये रह गया।
गिरावट की 3 बड़ी वजहें
इस बड़ी गिरावट के पीछे कई अहम कारण सामने आए हैं:
अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध से सप्लाई चेन प्रभावित हुई
कच्चे तेल की कीमतें 105 डॉलर तक पहुंच गईं
एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भारत पर भी पड़ा
ट्रंप की धमकी से बढ़ी चिंता
ट्रंप ने ईरान युद्ध को खत्म करने का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया, लेकिन अगले 2–3 हफ्तों में “बहुत जोरदार” हमले की चेतावनी दी। इस बयान के बाद भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ गया, जिससे बाजार में डर का माहौल बन गया और तेल की कीमतों में उछाल आया।
