Donald Trump ने गुरुवार सुबह राष्ट्र को संबोधित करते हुए साफ कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान अभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले 2–3 हफ्तों में और भी भीषण हमले किए जा सकते हैं और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ जारी रहेगा।
परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने हमेशा कूटनीति का रास्ता अपनाने की कोशिश की, लेकिन ईरान ने सभी प्रस्ताव ठुकरा दिए। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा और इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया।
ईरान की सैन्य ताकत पर दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है, वायुसेना बर्बाद हो गई है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नेतृत्व क्षमता भी टूट चुकी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने के बेहद करीब है।
वेनेजुएला और ऊर्जा नीति का जिक्र
अपने भाषण में ट्रंप ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई की तारीफ की और इसे तेज व प्रभावी बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर है और अब वैश्विक स्तर पर तेल और गैस संसाधनों पर ध्यान दे रहा है।
खाड़ी देशों को सुरक्षा का भरोसा
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने खाड़ी सहयोगियों की हर हाल में रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान की मिसाइल क्षमताओं, नौसेना और सैन्य ढांचे को पूरी तरह खत्म करना अमेरिका का लक्ष्य है।
होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को Strait of Hormuz की जरूरत नहीं है और इसके बंद होने से अमेरिका पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने अन्य देशों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वे इस मार्ग को खुलवाने में साथ नहीं देते, तो उन्हें अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए।
सीजफायर और दबाव की बात
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब दबाव में है और उसने सीजफायर की मांग की है। उन्होंने कहा कि जैसे ही यह संघर्ष खत्म होगा, होर्मुज स्ट्रेट अपने आप खुल जाएगा।
20 मिनट के भाषण में क्या संदेश
करीब 20 मिनट के इस संबोधन में ट्रंप ने अपने फैसलों को सही ठहराते हुए कहा कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था मजबूत है और इस संघर्ष से उस पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। उन्होंने अंत में कहा कि अब हालात पूरी तरह अमेरिका के नियंत्रण में हैं।
