उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो चुका है। इन सीटों पर 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के मौजूदा सांसदों में से किन चेहरों को दोबारा मौका मिलेगा और किन नए नेताओं को राज्यसभा भेजा जाएगा, इसे लेकर कई नाम सामने आ रहे हैं। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर बीजेपी के खाते में आठ सीटें जाने की चर्चा है। ऐसे में पार्टी के सामने पुराने चेहरों को बनाए रखने के साथ नए नेताओं को मौका देने का विकल्प भी है। हालांकि अंतिम फैसला बीजेपी की आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इन 7 BJP सांसदों का खत्म हो रहा कार्यकाल
उत्तर प्रदेश से बीजेपी के सात राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। इसके अलावा दिनेश शर्मा की सीट पहले ही खाली हो चुकी है। उन्हें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल बनाए जाने के बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दिया था।यही वजह है कि इस बार चुनाव में पुराने सांसदों की वापसी और नए चेहरों की एंट्री दोनों पर नजर बनी हुई है।
बीएल वर्मा और हरदीप सिंह पुरी का नाम
केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा भी उन सांसदों में शामिल हैं जिनका कार्यकाल पूरा हो रहा है। वह उत्तर प्रदेश के लोधी समुदाय से आते हैं और केंद्र सरकार में मंत्री हैं। मीडिया रिपोर्टों में उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजे जाने वाले संभावित नामों में शामिल किया गया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी संभावित उम्मीदवारों की चर्चा में है। अगर उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री पद पर बरकरार रखा जाता है तो राज्यसभा में उनकी वापसी की संभावना पर चर्चा हो रही है। हालांकि, उनके मामले में पार्टी के अंतिम फैसले का इंतजार है।
स्मृति ईरानी का नाम भी चर्चा में
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम भी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजे जाने वाले संभावित नेताओं में सामने आया है। हाल ही में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है और उन्हें हरियाणा तथा छत्तीसगढ़ की संगठनात्मक जिम्मेदारी भी दी गई है। ऐसे में उनके राज्यसभा जाने की संभावना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी उनके नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
हरीश द्विवेदी को भी मिल सकता है मौका?
बीजेपी के पूर्व सांसद और संगठन से जुड़े नेता हरीश द्विवेदी का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक, संगठन में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ने के बाद उनका नाम राज्यसभा के लिए चर्चा में आया है। हरीश द्विवेदी को पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में गिना जाता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर चल रही चर्चाओं में उनका नाम भी शामिल है।
बृजलाल, गीता शाक्य और सीमा द्विवेदी पर भी नजर
पूर्व यूपी डीजीपी और बीजेपी सांसद बृजलाल का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। वह दलित समाज से आते हैं और उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनका नाम भी संभावित उम्मीदवारों में चर्चा में है। गीता शाक्य और सीमा द्विवेदी भी मौजूदा सांसदों में शामिल हैं जिनका कार्यकाल पूरा हो रहा है। गीता शाक्य बीजेपी के ओबीसी मोर्चे की अध्यक्ष रह चुकी हैं, जबकि सीमा द्विवेदी जौनपुर से तीन बार विधायक रह चुकी हैं। रिपोर्टों में दोनों के भविष्य को लेकर अलग-अलग संभावनाओं पर चर्चा की गई है।
नीरज शेखर और अरुण सिंह भी दावेदारों में
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था। अब उनके दोबारा उच्च सदन में पहुंचने को लेकर पार्टी के फैसले का इंतजार है। वहीं, पूर्व बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह का नाम भी संभावित दावेदारों में सामने आया है। संगठन में लंबे समय तक जिम्मेदारी संभाल चुके अरुण सिंह पूर्वांचल से आते हैं।
16 अक्टूबर को होगा मतदान
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी और 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर नाम वापसी की अंतिम तारीख है। मतदान और मतगणना 16 अक्टूबर को होगी।
फिलहाल स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, बीएल वर्मा, बृजलाल, गीता शाक्य, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर और अरुण सिंह समेत कई नाम चर्चा में हैं। बीजेपी किसे दोबारा मौका देती है और किन नए चेहरों को राज्यसभा भेजती है, इसकी तस्वीर आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी होने के बाद ही साफ होगी।